बासेल (स्विट्जरलैंड)/ नईदिल्ली ( भारत), 25 अगस्त । पी वी सिंधू रविवार को यहां बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप के एकतरफा फाइनल में जापान की प्रतिद्वंद्वी नोजोमी ओकुहारा को हराकर स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं।
फाइनल मुकाबले में रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता भारतीय खिलाड़ी ने 38 मिनट में 21-7 21-7 से आसान जीत दर्ज की।
सिंधू ने इसके साथ ही दो साल पहले इस टूर्नामेंट के फाइनल में ओकुहारा से मिली हार का बदला भी ले लिया।
विश्व चैम्पियनशिप में सिंधू का यह पांचवां पदक है। पदकों की संख्या के मामले में सिंधू ने चीन की पूर्व ओलंपिक चैम्पियन झांग निंग की रिकार्ड की बराबरी की। सिंधू ने दो कांस्य पदक के साथ टूर्नामेंट के पिछले दो सत्र में दो रजत पदक भी हासिल किया है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पी वी सिंधू को विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने पर बधाई देते हुए रविवार को कहा कि उनका समर्पण प्रेरणादायी है।
सिंधू ने जापान की नाजोमी ओकुहारा को हराकर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब जीता। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय हैं।
राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, ‘‘बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप जीतने पर बधाई पीवी सिंधू। यह पूरे देश के लिये गौरवशाली क्षण है। कोर्ट पर आपका जादुई खेल, कड़ी मेहनत और दृढ़ता लाखों लोगों को रोमांचित और प्रेरित करती है। विश्व चैंपियन को भविष्य के मुकाबलों के लिये शुभकामनाएं। ’’
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘बेजोड़ प्रतिभा है पीवी सिंधू। फिर से भारत को गौरवान्वित किया। बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें बधाई। पी वी सिंधू की सफलता खिलाड़ियों की कई पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। ’’
खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि सरकार चैंपियन तैयार करने के लिये सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं और सहयोग प्रदान करेगी।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘बीडब्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनकर पीवी सिंधू ने इतिहास रचा। भारत को सिंधू पर गर्व है। मेरी तहेदिल से शुभकामनाएं। सरकार चैंपियन तैयार करने के लिये सर्वश्रेष्ठ सहयोग और सुविधाएं देना जारी रखेगी।’’
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सिंधू को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘‘बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर बधाई पीवी सिंधू। आपने हर भारतीय को गौरवान्वित किया है। जीतना जारी रखो। ’’