पुणे/ भोपाल , 13 सितंबर । पुणे स्थित मौसम विभाग ने कहा कि, गुजरात और पश्चिम मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे के दौरान अति वृष्टि का अनुमान है जबकि पूर्व राजस्थान, पश्चिम बंगाल के पर्वतीय इलाके, सिक्किम, असम, मेघालय, कोंकण और गोवा में तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है।
मध्यप्रदेश में बारिश जारी, कुछ स्थानों पर बाढ़ के हालात
मध्यप्रदेश के कई स्थानों पर करीब एक सप्ताह से रुक रुक कर लगातार हो रही बारिश के चलते नर्मदा, चंबल और बेतवा सहित अन्य कई नदियों में उफान कायम रहने और लगभग 24 बांधों के गेट खोलने से रायसेन, विदिशा, झाबुआ और अलीराजपुर जिलों में बाढ़ के हालात बन गए हैं।
झाबुआ-अलीराजपुर, उज्जैन और शाजापुर जिलों में संबंधित कलेक्टरों ने कल स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है।
मध्यप्रदेश के 33 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा
मध्यप्रदेश में इस वर्ष मानसून में एक जून से आज तक 33 जिलों में सामान्य से अधिक, 16 जिलों में सामान्य एवं शेष जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। सर्वाधिक वर्षा मंदसौर जिले में और सबसे कम वर्षा सीधी जिले में दर्ज की गई है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिले मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भोपाल, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, झाबुआ, सीहोर, रतलाम, खण्डवा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, गुना, बड़वानी, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, होशंगाबाद, देवास, हरदा, जबलपुर, मण्डला, अशोकनगर, सिवनी, धार, सागर, अलीराजपुर, खरगोन, दमोह, बैतूल, सिंगरौली और श्योपुरकलां हैं।
श्योपुर का सम्पर्क टूटा-
मध्यप्रदेश के मालवा अंचल में हो रही लगातार बारिश के चलते श्योपुर में पार्वती नदी के उफान में बहने से जहां एक ओर चार दिन से कोटा मार्ग बाद है, वहीं अब पावर्ती पुल पर रिकार्ड 27 फीट पाने आने से अब राजस्थान के बारां जिले का भी श्योपुर से सड़क संपर्क टूट गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राजस्थान के कोटा बैराज से भारी मात्रा में चम्बल नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं भोपाल की ओर से लगातार बरसात से पाँचवे दिन भी कोटा मार्ग जलालपुरा चौकी पार्वती पुल पर रात में 5 फीट पानी के बाद दोपहर में 27 फीट ऊपर पानी होने से बंद है। वही बारां राजस्थान मार्ग सुरथाग पुल पार्वती नदी पर 8 फीट पानी होने से बन्द हो गया। वही चम्बल नदी सवाई माधोपुर मार्ग पाली पुल पर चढ़ाव पर है, जो आज रात मार्ग छोटी पुलिया पर पानी बढने से बंद हो सकता है।
अशोकनगर में बारिश बनी आफत, कई गांवों में घुसा बेतवा का पानी
अशोकनगर जिले में बीते पांच दिनों से जारी बारिश अब बड़ी आफत बनती जा रही है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान जिले में दो इंच बारिश हुई। इससे सभी नदियां उफान पर आ गईं। हालात यह हैं कि बेतवा नदी का पानी किनारे से पांच किमी दूर के क्षेत्रों में बहने लगा है।
खेतों में बाढ़ का पानी भरने से पांच हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र की फसल पानी में डूब गई और 10 गांव पानी में घिर गए।
अशोकनगर-मुंगावली रोड पर नेशनल हाईवे का पुल दिनभर डूबा रहा, वहीं चन्देरी-ललितपुर के बीच बने पुल के 20 फ़ीट ऊपर पानी बहता रहा। इससे सागर, बीना, ललितपुर, विदिशा, भोपाल सहित जिले के सभी रास्ते बंद हो गए है। उफान पर आई बेतवा और कैंथन नदी ने मुंगावली ब्लॉक के सांवलहेड़ा, भेड़का, किरोला, सेमरखेड़ी, बिल्हेरू, बाढ़ौली, निटर्र, ढि़चरी सहित कई गांवों को घेर लिया।
रतलाम जिले के ग्राम भड़ानखुर्द में तालाब फूटने से रेस्क्यू के लिए आई एनडीआरएफ की टीम
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के विकासखंड बाजना के ग्राम भडानखुर्द में तालाब फूटने से कोई जनहानि नहीं हुई है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार जिले में हो रही निरंतर वर्षा से गांव में एक तालाब के फूटने तथा एक अन्य तालाब के फूटने की आशंका पर ग्रामीणों को अन्य स्थानों पर ठहराने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। तालाब फूटने से दो मकान तथा दो पशु हानि हुई है परंतु कोई जनहानि नहीं हुई है। स्टेट हेलीकॉप्टर द्वारा एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू के लिए रतलाम आकर ग्राम भडानखुर्द के लिए रवाना हो गई।
सरदार सरोवर नर्मदा बांध 97 प्रतिशत से अधिक भरा, ओवरफ्लो से एक मीटर से भी कम दूरी पर
वडोदरा,से खबर है कि, नर्मदा परियोजना को लेकर गुजरात तथा मध्य प्रदेश के बीच नये सिरे से जारी घमासान के बीच इस पडोसी राज्य में नर्मदा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में वर्षा के कारण पानी की सतत भारी आवक के कारण मध्य गुजरात के केवड़िया में बने सरदार सरोवर बांध जलाशय का जलस्तर रोज ऊंचाई के नये रिकार्ड बना रहा है और अब यह ओवरफ्लो यानी उच्चतम स्तर से एक मीटर से कम दूरी पर पहुंच गया है।
इसमें पानी का कुल संग्रह भी 97 प्रतिशत से अधिक हो गया है।