नयी दिल्ली/ श्रीनगर , 06 अगस्त। गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारुख अब्दुल्ला को न तो हिरासत में लिया गया है और न ही नजरबंद किया गया है, वह “अपनी मर्जी से अपने घर में” हैं।
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पर लोकसभा में चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने श्री अब्दुल्ला की सदन में गैर-मौजूदगी के बारे में चिंता व्यक्त की। उन्हें आशंका थी कि उन्हें नजरबंद या गिरफ्तार किया गया है।
श्री शाह ने कम से कम तीन-चार बार सदन में यह स्पष्ट किया कि नेशनल कांफ्रेंस नेता को गिरफ्तान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा “श्री फारुख अब्दुल्ला को न तो गिरफ्तार किया गया है और न ही हिरासत में लिया गया है। वह अपनी मर्जी से अपने घर पर हैं।”
बाद में एक और मौके पर पर उन्होंने कहा कि श्री अब्दुल्ला की तबीयत पूरी तरह ठीक है और वह “मौज-मस्ती में” अपने घर पर हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई सदन में नहीं आना चाहता तो “कनपटी पर बंदूक रखकर” उसे नहीं लाया जा सकता।
इसी बीच श्रीनगर में नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि उन्हें नजरबंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ‘‘तानाशाही’’ शासन लागू किया गया है न कि ‘‘लोकतांत्रिक’’।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मीडिया से बात करने के लिए ‘‘दरवाजा तोड़कर बाहर’’ आए हैं।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 की गारंटी भारत के संविधान में दी गई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सोच के विपरीत लोकतांत्रिक की बजाय तानाशाही रवैया अपनाया गया है। मुझे नहीं पता कि कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है। किसी को भी अंदर आने या बाहर जाने की अनुमति नहीं है। हम नजरबंद हैं।’’
उधर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराएं हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित क्षेत्रों में विभाजित करने के केंद्र सरकार के कदम की आलोचना करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि कार्यपालिका की शक्तियों का दुरुपयोग करने से देश की राष्ट्रीय सुरक्षा पर ‘‘गंभीर असर’’ पड़ेगा।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘ जम्मू-कश्मीर को एकतरफा ढंग से विभाजित करके, निर्वाचित प्रतिनिधियों को कैद करके और संविधान का उल्लंघन करके राष्ट्रीय एकीकरण आगे नहीं बढ़ने वाला है। यह देश भूखंड से नहीं, बल्कि उसकी जनता से बना है।’’ राहुल ने कहा, ‘‘कार्यपालिका की शक्तियों के दुरुपयोग से हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।’’ सरकार ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने से संबंधित संकल्प और विधेयक लोकसभा में चर्चा एवं पारित करने के लिए पेश किया। इससे पहले राज्यसभा ने सोमवार को अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को खत्म कर जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को दो केन्द्र शासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के दो संकल्पों एवं विधेयक को मंजूरी दे दी।