बिश्केक, 14 जून । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर वैश्विक सम्मेलन का आह्वान करते हुए शुक्रवार को पाकिस्तान पर परोक्ष हमला बोला और कहा कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले, इसमें मदद देने वाले और इसका वित्तपोषण करने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
मोदी ने यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग को मजबूत करने की एससीओ की भावना और उसके विचारों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद मुक्त समाज के लिए खड़ा है।
मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मौजूदगी में कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए देशों को अपने संकीर्ण दायरे से बाहर आकर इसके खिलाफ एकजुट होना होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ सदस्य देशों से अपील की कि वे एससीओ क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी संरचना के तहत सहयोग करें।
उन्होंने एससीओ नेताओं से आतंकवाद पर एक वैश्विक सम्मेलन आयोजित करने की भी अपील की।
मोदी दो दिवसीय एससीओ सम्मेलन के लिए बृहस्पतिवार को बिश्केक पहुंचे थे। एससीओ चीन के नेतृत्व वाला आठ सदस्यीय आर्थिक एवं सुरक्षा समूह है जिसमें भारत और पाकिस्तान को 2017 में शामिल किया गया था।
प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले रविवार को अपनी श्रीलंका यात्रा के दौरान मैंने सेंट एंथोनी चर्च का दौरा किया, जहां मैंने आतंकवाद का घिनौना चेहरा देखा जो कहीं भी मासूमों के जीवन का दावा करता है ।
उन्होंने कहा कि,”प्रायोजित देशों, सहायता और आतंकवाद के वित्तपोषण जवाबदेह आयोजित किया जाना चाहिए,”।
प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ के सदस्य देशों को आतंकवाद के खिलाफ एससीओ क्षेत्रीय एंटी टेररिस्ट स्ट्रक्चर (RATS) के तहत सहयोग करने को भी कहा ।
उन्होंने एससीओ के नेताओं से आतंकवाद पर वैश्विक सम्मेलन आयोजित करने का भी आग्रह किया
मोदी ने कहा, साहित्य और संस्कृति हमारे समाजों को एक सकारात्मक गतिविधि प्रदान करती है, विशेष रूप से वे हमारे समाज में युवाओं के बीच कट्टरता के प्रसार को रोकते हैं ।
भारत ने अतीत में पाकिस्तान को देश में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए दोषी ठहराया है और कहा है कि वह अपनी धरती से सक्रिय आतंकी संगठनों को समर्थन देना बंद करे।
भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट द्वारा 2016 के जनवरी में पठानकोट में वायु सेना अड्डे पर हुए हमले के बाद से इस बात को बरकरार रखा है कि वार्ता और आतंक एक साथ नहीं चल सकते ।
इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के आत्मघाती हमलावर द्वारा कश्मीर के पुलवामा जिले में 40 सीआरपीएफ जवानों की हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव भड़का था ।
बढ़ते आक्रोश के बीच इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में हुए सबसे बड़े जैश के ट्रेनिंग कैंप पर निशाना साधते हुए जवाबी आतंकी ऑपरेशन चलाया । अगले दिन, पाकिस्तान की वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई की और हवाई लड़ाई में मिग-21 को मार दिया और भारतीय वायुसेना के एक पायलट को पकड़ लिया, जिसे बाद में भारत को सौंप दिया गया ।
नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच तनाव को आसान बनाने में चीन ने भूमिका निभाई।
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