भोपाल, 02 फरवरी । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आज पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें और भाजपा नेताओं को कोई द्वेष है, तो वे कांग्रेस पर निशाना साधें। किसानों से अपनी चुनावी हार का बदला नहीं लें।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने यहां प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा कि प्रधानमंत्री को समय निकालकर महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश की किसान ऋण माफी योजना की भी सुध लेना चाहिए। डेढ़ वर्ष से भी अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक वहां किसानों को कर्ज से पूरी तरह राहत नहीं मिली है। श्री कमलनाथ ने कहा कि वे इस बात से हतप्रभ हैं कि भाजपा किसानों की कर्जमाफी योजना के खिलाफ क्यों है।
श्री कमलनाथ ने आरोप लगाते हुए कहा कि श्री मोदी को वोटों की राजनीति की खातिर नित्य झूठ का सहारा लेना पड़े, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बीते 15 वर्षों के मध्यप्रदेश के भाजपा शासन के क्रियाकलापों से अवगत होते, तो तथ्यहीन बातों का सहारा राजनैतिक रैलियों में नहीं लेते। प्रधानमंत्री ने आज एक राजनैतिक रैली में कहा कि जिन्होंने ऋण लिए ही नहीं, उनके भी ऋण माफ हो रहे हैं और किसानों का 13 रूपये तक का कर्ज माफ हो रहा है अर्थात घोटाला हो रहा है।
श्री कमलनाथ ने कहा कि सच बात तो यह है कि मध्यप्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के घोटालों का इलाज अब हो रहा है। भाजपा राज में 15 वर्षों के कार्यकाल में संभावना है कि 2500 से 3000 करोड़ रुपये भोले-भाले किसानों के ऋण के नाम पर षडयंत्रपूर्वक बैंकों से निकाले गए हैं और यह सब भाजपा की सत्ता की सरपरस्ती में हुआ है। कांग्रेस की सरकार अगर कर्जमाफी का पारदर्शी तरीका नहीं अपनाती, तो शायद किसानों को ठगने वाले लोग कभी पकड़े भी न जाते।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वे जानते हैं कि भाजपा के कुछ नेता किसान कर्जमाफी पर लगातार भ्रामक प्रचार इसलिए कर रहे हैं कि यह जांच रुक जाए और अपराधी बेनकाब न हों। मगर हम दृढ़ संकल्पित हैं। हर हाल में किसानों को धोखा देने वालों को बख्शेंगे नहीं, चाहे वो कितना भी प्रभावशाली क्यों नहीं हो।
श्री कमलनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस बात को समझना चाहिए कि मध्यप्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने प्रदेश को आर्थिक बदहाली की कगार पर ला खड़ा किया था। उसके बावजूद हम अपने वचन पर प्रतिबद्ध रहे और सरकार बनते ही सबसे पहले मध्यप्रदेश के किसानों को कर्ज से उबारने का निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक हमने यह अनिवार्य किया है कि 15 जनवरी 2019 से सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारी बैंकों एवं प्राथमिक सहकारी साख समितियों से जिन किसानों ने लोन लिए हैं, उनकी सूची ग्राम पंचायतों और बैंकों में प्रदर्शित की जाए और उनसे कर्ज माफी के आवेदन 5 फरवरी तक लिए जाए। इस पारदर्शी प्रक्रिया की वजह से पूर्व भाजपा सरकार के समय की आपराधिक कारगुजारियां सामने आ पा रही हैं।
श्री कमलनाथ ने कहा कि अभी तक 47 लाख 83 हजार किसानों ने कर्जमाफी के आवेदन दिए हैं। फिर इन आवेदनों को बैंक शाखाओं से उनके खातों से मिलान किया जाएगा। इसके उपरांत किसानों के खातों में 22 फरवरी से कर्जमाफी की राशि जमा कराई जाएगी। इस जय किसान ऋण माफी योजना में 55 लाख 62 हजार बैंक ऋण खातों में 47, 085 करोड़ का किसान भाइयों का कर्ज खत्म कर अन्नदाता को उनका अधिकार सौंपेंगे।
attacknews.in
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