भोपाल, 15 अगस्त । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य के नागरिकों को ही सरकार की शक्ति बताते हुए आज कहा कि सरकार और लोगों के बीच की दूरियां कम की जा रही हैं।
श्री कमलनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आम नागरिकों के प्रति अपने संदेश में कहा कि यही नागरिक शक्ति राज्य को गरीबी, बेरोजगारी से मुक्त, विकसित और ऊर्जावान प्रदेश बनायेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और लोगों के बीच की दूरी कम की जा रही है। हमारा प्रयास है कि बदलाव लोग स्वयं महसूस करें।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से कम समय में किये गए कई ऐतिहासिक निर्णयों और लागू की गयी योजनाओं की चर्चा की। उन्होंने नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 लाख से ज्यादा किसानों के डिफाल्टर ऋण माफ़ हो गए हैं। बड़ी संख्या में किसानों ने एक ही जमीन पर कई बैंकों से ऋण ले रखा था। छानबीन पूरी होने पर उनका भी ऋण माफ़ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रबी 2018-19 में उत्पादित गेहूँ विक्रय पर 160 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि उनके खातों में जमा कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों में पूंजी की तरलता बढ़ाने के लिये तीन हजार करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। इसमें से एक हजार करोड़ रुपये जारी किये जा चुके हैं। किसानों को आधी दरों पर और गरीबों को 100 रुपये में 100 यूनिट बिजली दी जा रही है। किसानों के लिए बनाई गई इंदिरा किसान ज्योति योजना में 10 हार्स पावर तक के स्थाई कृषि पंप कनेक्शनों को 1400 की जगह 700 रुपये प्रति हार्स पावर प्रतिवर्ष के फ़्लैट रेट से बिजली दी जा रही है। इसका लाभ 18 लाख किसानों को मिल रहा है।
श्री कमलनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में ऋण माफी के दौरान पहले चरण में छानबीन के दौरान एक आश्चर्यजनक तथ्य सामने आया कि बड़ी संख्या में किसानों ने एक ही जमीन पर कई बैंकों से ऋण ले रखा था। इस कारण गहन छानबीन करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों ने छानबीन पूरी कर ली है और अन्य बैंकों की छानबीन जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के अगले चरण में दो लाख रूपयों तक के सहकारी बैंकों के चालू ऋण माफ करने की कार्रवाई प्रारंभ की जा रही है। अन्य बैंकों की छानबीन पूरी होने पर उनकी भी ऋण माफी की कार्रवाई आगे की जाएगी। उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों की पूंजी की तरलता बढ़ाने के लिए तीन हजार करोड़ रूपए की योजना बनायी गयी है। इसमें से एक हजार करोड़ रूपए जारी किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने कहा कि असंगठित मजदूरों को आगे लाने के लिए नई योजना ‘नया सवेरा” शुरू की गई है। इस योजना में 6 माह में 63 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को लगभग 6 सौ करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि हमारा गाँव- हमारा पानी, जल संरक्षण और लोगों को पर्याप्त जल उपलब्ध करवाने के लिए सरकार पहली बार जल अधिकार कानून बनाने जा रही है। 36 जिलों की 38 नदियों का पुनर्जीवन का कार्य पाँच सालों में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल और इन्दौर शहरों में मेट्रो रेल का काम शुरू हो गया है। ग्वालियर में मेट्रोपॉलिटन रीजन की स्थापना की जा रही है। भोपाल और इंदौर शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी एकीकृत प्रोजेक्ट इंदौर-भोपाल एक्सप्रेस-वे को लिया है। परियोजना में एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ नये छोटे शहर और औद्योगिक क्लस्टर होंगे। इस परियोजना को पूरा करने के लिए इंदौर-भोपाल एक्सप्रेस-वे डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाई जाएगी।
पुलिस को मध्यप्रदेश में प्रौद्योगिकी सम्पन्न बनाया जाएगा:
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सर्वाधिक प्रौद्योगिकी सम्पन्न और तकनीकी रूप से दक्ष पुलिस बनाने के लिये प्रयास किये जायेंगे। इसके लिये बजट की कमी नहीं होगी।
श्री कमलनाथ आज यहां निवास पर उत्कृष्ट सेवाओं के लिये सम्मानित मैडल विजेता पुलिस अधिकारियों और उनके परिजनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस की चुनौतियाँ बढ़ते जाती हैं। अब अपराध भी नये स्वरूपों में सामने आते हैं। आतंकवाद भी नये रंग रूप धरता है। एक राज्य से दूसरे राज्य और एक जिले से दूसरे जिले में अपराधों का स्वरूप बदल जाता है। इसलिए पुलिस को भी लगातार सतर्कता और दक्षता की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पुलिस सरकार का चेहरा होती है। इसलिए समाज में रक्षा और सुरक्षा का काम करते हुए मूल्यों की भी रक्षा का काम करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत मूल्यों, संस्कृति और सभ्यता का देश है। अनेकता में एकता यहां की सांस्कृतिक पहचान है। पुलिस बल या अन्य कोई भी सैन्य बल हों, वे विविधता के प्रतीक हैं। एक ही उद्देश्य के लिये विभिन्न समाजों, धर्मों, सम्प्रदायों के जवान एकसूत्र में बंधकर अपना कर्तव्य निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के सामने चुनौती है कि वह निरंतर बदलती टेक्नालॉजी को कैसे अपनाये। जब चुनौतियाँ बदलते रहती हैं, तो उनका मुकाबला करने के लिये नवीनतम टेक्नालॉजी का उपयोग भी जरूरी है। फेशियल रिकगनीशन जैसी टेक्नालॉजी को स्थापित करना जरूरी हो गया है।
इस मौके पर पुलिस महानिदेशक वी के सिंह ने उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि वीरतापूर्ण कार्य के लिये 18 पुलिस कर्मियों को क्रम से पहले पदोन्नति दी गई है। डायल 100 सेवा के माध्यम से 70 लाख लोगों को मदद मिली है। नक्सल समस्या पर नियंत्रण कर लिया गया है। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं मैडल विजेता पुलिस अधिकारी और उनके परिजन उपस्थित थे।
कांग्रेस कार्यालय में फहराया झंडा-
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज यहां प्रदेश कांग्रेस कार्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया।
श्री कमलनाथ ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देने के साथ ही राज्य के नागरिकों और कांग्रेसजनों के नाम संदेश का वाचन किया। उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देेते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार आज भी पूरी दुनिया को मार्ग दिखाने वाले हैं। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस और अन्य महान नेताओं के नामों का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी ने आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया और क्रूर अंग्रेजी शासन से देश को मुक्ति दिलायी।
श्री कमलनाथ ने सभी महान नेताओं और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों काे नमन करते हुए कहा कि आज भी अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमारे सामने बेरोजगारी, बीमारी, कुपोषण और भीड़ की हिंसा से सभी को बचाने की चुनौती है।
श्री कमलनाथ ने प्रदेश के सभी भाई-बहनों को रक्षाबंधन पर्व की भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, चंद्रप्रभाष शेखर, रामेश्वर नीखरा, प्रकाश जैन, राजीव सिंह, सैयद साजिद अली, श्रीमती शोभा ओझा, नरेन्द्र सलूजा, भूपेन्द्र गुप्ता, जे.पी. धनोपिया और अन्य पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद थे।