श्रीनगर 15 अगस्त । जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने गुरुवार को कहा कि राज्य के लोगों की पहचान दांव पर नहीं है और न ही इससे कोई छेड़छाड़ की जा रही है इसलिए उन्हें अपनी पहचान को लेकर डरने की जरुरत नहीं है।
श्री मलिक 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यहां शेरे-कश्मीर स्टेडियम में तिरंगा फहराने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। जम्मू कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 हटाये जाने तथा राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद स्वतंत्रता दिवस का यह पहला समारोह था।
उन्होंने अपने संबोधन में प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया कि उनकी पहचान दांव पर नहीं है और न ही इससे किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि देश का संविधान कई क्षेत्रीय पहचान को पनपने और समृद्ध करने की अनुमति देता है।
राज्यपाल ने जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, “ यह केवल हमारे सुरक्षा बलों की वीरता और साहस है , जिसके कारण आतंकवाद की कमर टूटी है। हाल के दिनों में आतंकवाद और पथराव की घटनाओं में कमी आई है।
समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। शांतिपूर्ण आयोजन के लिए स्टेडियम तथा आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे।
सही समय पर राहुल को कश्मीर बुलाया जाएगा: मलिक
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से राज्यपाल सत्यपाल मलिक के कश्मीर दौरे के आमंत्रण को स्वीकार करने के बाद बुधवार को राजभवन के प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला स्थानीय प्रशासन को भेज दिया गया है और सही समय पर श्री गांधी से संपर्क किया जाएगा।
राजभवन प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, “श्री गांधी ने कश्मीर मामले पर टिपण्णी करने के लिए चार दिन लिए और वो भी तब जब कई भारतीय न्यूज़ चैनलों ने कश्मीर के हालात पर स्थिति साफ कर दी है।”