मध्यप्रदेश के उज्जैन में विकास दुबे की गिरफ्तारी के बीच उत्तरप्रदेश पुलिस ने उसके दो सहयोगियों को अलग-अलग मुठभेड़ में मार गिराया attacknews.in

कानपुर, नौ जुलाई ।उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी एवं कुख्यात अपराधी विकास दुबे के दो करीबी सहयोगी बृहस्पतिवार को अलग-अलग मुठभेड़ में मारे गए।

विकास दुबे को भी मध्य प्रदेश के उज्जैन से बृहस्पतिवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर पांच लाख रुपये का इनाम था ।

पुलिस ने बताया कि दुबे के करीबी कार्तिकेय उर्फ प्रभात की कानपुर में पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश करते समय गोली लगने से मौत हो गई थी और एक अन्य साथी बउवा दुबे इटावा में मुठभेड़ में मारा गया।

उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि कार्तिकेय ऊर्फ प्रभात ने ट्रांजिट रिमांड पर फरीदाबाद से कानपुर लाये जाने के दौरान पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुठभेड़ कानपुर के पनकी इलाके में उस समय हुई जब पुलिस कार्तिकेय ऊर्फ प्रभात को ट्रांजिट रिमांड पर फरीदाबाद से कानपुर लेकर जा रही थी। पुलिस के वाहन के पहिए की हवा निकल गई थी और इसी मौके का फायदा उठा उसने एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीन ली। ’’

अधिकारी ने बताया कि कार्तिकेय ने उसके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी, जिससे विशेष कार्यबल के दो कर्मी घायल हो गए और जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।

उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों ने ‘‘आत्मरक्षा’’ में गोली चलाई।

एडीजी ने बताया कि कार्तिकेय को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

फरीदाबाद में मुठभेड़ के बाद बुधावार को दुबे के साथियों कार्तिकेय, अंकुर और श्रवण को गिरफ्तार किया गया था।

इस बीच, इटावा के पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि पुलिस ने प्रवीण ऊर्फ बउआ दुबे को तड़के करीब साढ़े चार बजे एक स्थान पर घेर लिया था और फिर दोनों ओर से हुई गोलीबारी में वह मारा गया।

उन्होंने बताया कि वह बिकरु कांड मामले में वांछित था और उस पर 50,000 रुपये का इनाम भी घोषित था।

एडीजी ने बताया कि पुलिस को प्रवीण और तीन अन्य लोगों के इटावा के बकेवर इलाके में महेवा के पास एक कार चोरी करने की जानकारी मिली थी।

उन्होंने बताया कि उसके पास एक पिस्तौल, एक डबल-बैरल गन और कारतूस बरामद किया गया है।

बीते बृहस्पतिवार की देर रात कानपुर के चौबेपुर इलाके के बिकरू गांव में विकास दुबे को गिरफ्तार करने गए पुलिस दल पर दुबे और उसके साथियों ने गोलियां बरसाई थीं, जिसमें एक पुलिस उपाधीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे।

उत्तरप्रदेश का गैंगस्टर और बिकरू कांड का सरगना विकास दुबे की उज्जैन में गिरफ्तारी की असलियत ; मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने उसके जिंदा रहने का हक भी छीना ; गिरफ्तारी के बाद देश की सियासत गर्माई attacknews.in

भोपाल/उज्जैन/नईदिल्ली , नौ जुलाई । उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी और कुख्यात अपराधी विकास दुबे को उसके दो साथियों के साथ पुलिस ने बृहस्पतिवार की सुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर परिसर से गिरफ्तार किया है। प्रदेश के गृह मंत्री ने इसकी जानकारी दी ।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में मीडिया को बताया, ‘हमने दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। वर्तमान में वह उज्जैन पुलिस की हिरासत में है।’

उन्होंने कहा, ‘उसके दो साथियों – बिट्टू और सुरेश – भी महाकाल :मंदिर: से गिरफ्तार किए गये हैं।’

जब उनसे यह पूछा गया कि दुबे के बारे में जानकारी कैसे मिली, मिश्रा ने बताया, ‘प्रारंभिक दृष्टि में पता चला था कि वह पूजा करने के लिए गया है।’

उन्होंने कहा, ‘मंदिर परिसर में तैनात हमारे एक कांस्टेबल घनश्याम को शक हुआ । यह सब प्राइमरी बात है। इसको अंतिम न माने। उसको शक हुआ तो उसने अपने दूसरे साथी को बताया और उसके बाद चार कांस्टेबलों ने उसे (दुबे) एक तरफ बुलाकर बिठा लिया और उसके बाद उसे पुलिस हिरासत में लिया गया।’

यह पूछे जाने पर कि क्या मंदिर समिति के लोगों ने भी पहचान की थी और पुलिस को इसके बारे में बताया तो मिश्रा ने कहा, ‘बाद में सारे पहचान करते गये।’

उन्होंने कहा कि दुबे को गिरफ्तार करने पर मध्य प्रदेश पुलिस एवं मध्य प्रदेश के इंटेलिजेंस को एक बड़ी सफलता मिली है। उसकी गहराई में हम लगातार जाने की कोशिश कर रहे हैं।

जब उनसे सवाल किया गया कि अलर्ट के बाद वह कैसे मध्य प्रदेश आ सकता है, तो इस पर मिश्रा ने कहा, ‘अलर्ट के बाद ही पकड़ा गया है। रेल चलती हैं। बसें चलती हैं। साधन हैं।’

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में परस्पर बातें कर रहे हैं।

पुजारी एवं कुछ लोगों ने उसका चेहरा पहचाना और उसके बाद पुलिस को सूचना दी या पुलिस ने सीधे उसे गिरफ्तार किया के सवाल पर मिश्रा ने कहा, ‘इंटेलीजेंस की बात भी बताएंगे। पहले हमें इसके मर्म तक आने दो। बाकी चीजें बाद में बताएंगे, पहले पता करने दो।’

उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से वह प्रारंभ से ही क्रूरता की हदें पार करता रहा है और उसने जो कृत्य किया वह बहुत निंदनीय और बहुत चिंतनीय था।

मिश्रा ने कहा कि उसको :विकास दुबे: जिंदा रहने का हक नहीं है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की पुलिस को हमने सूचना दे दी है और वह आ रही है। उन्होंने कहा कि दुबे को उत्तर प्रदेश की पुलिस को सौंप दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वारदात होने के बाद से ही हमने पूरे प्रदेश की पुलिस को अलर्ट किया था और इस मामले में पूरी निगाह रखी जा रही थी।

मंदिर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार होने से पहले दुबे आज सुबह महाकाल मंदिर के गेट पर पहुंचा था और मंदिर में वीआईपी गेट से प्रवेश करने के लिए मंदिर परिसर स्थित एक पुलिस पोस्ट के पास से 250 रूपये की रशीद भी कटवाई थी।

उन्होंने कहा कि बाद में वह पास के ही एक दुकान पर गया था और वहां से महाकाल मंदिर में चढ़ाने के लिए प्रसाद खरीदा था। इस दौरान इस दुकानदान ने उसे पहचान लिया और पुलिस को अलर्ट किया।

सूत्रों के अनुसार, ‘इसके बाद पुलिस ने उससे उसका नाम पूछा और उसने विकास दुबे बताया। इसके बाद महाकाल मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों एवं निजी सुरक्षा गार्डों ने उसे पकड़ लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद एक सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि उसे पास के ही महाकाल पुलिस थाने में ले जाया गया।’ हालांकि, सुरक्षा कारणों से पुलिस यह नहीं बता रही है कि उसे कहां ले जाया गया है।

पुलिस जब महाकाल मंदिर के बाहर दुबे को पुलिस अपने वाहन में बिठा रही थी, तब वह जोर—जोर से चिल्ला रहा था, ‘मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला’ और एक पुलिसकर्मी उसे चांटा मार रहा था। इस घटना का एक वीडियो वायरल हुआ है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन पुलिस को दी बधाई:

इसी बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए उज्जैन पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि जल्द ही मध्यप्रदेश पुलिस विकास दुबे को उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपेगी।

चौहान ने दुबे के उज्जैन में गिरफ्तार होने एवं उसके द्वारा उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर दर्शन करने पर ट्वीट किया, ‘जिनको लगता है कि :उज्जैन में: महाकाल की शरण में जाने से उनके पाप धुल जाएँगे उन्होंने महाकाल को जाना ही नहीं।’

उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार किसी भी अपराधी को बख्श्ने वाली नहीं है…विकास दुबे की गिरफ़्तारी के लिए उज्जैन पुलिस को बधाई।’

चौहान ने अगले ट्वीट में लिखा, ‘मैंने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से बात कर ली है। शीघ्र आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी।’

उन्होंने कहा, ‘मध्यप्रदेश पुलिस, विकास दुबे को उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपेगी।’

विपक्ष का आरोप:

इसी बीच, कांग्रेस नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री पी सी शर्मा ने दुबे की गिरफ्तारी पर भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए भोपाल में मीडिया को बताया, ‘यह शरण एवं सरेंडर का खेल है।’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘मध्य प्रदेश इस तरह से गैंगस्टर का चारागाह बन गया है। कहीं न कहीं उसमें भाजपा के नेताओं से उत्तर प्रदेश में संबंध रहे थे। इसलिए अभी तक वह बचता रहा। निश्चित तौर पर मध्य प्रदेश के भाजपा के नेताओं से भी उसके संबंध रहे होंगे। इसीलिए आखिर में वह उज्जैन आया।’

शर्मा ने बताया, ‘इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए कि वहां :कानपुर: से दुबे मध्य प्रदेश कैसे आया और उसके उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के किन—किन नेताओं से संबंध थे।’

जब उनसे सवाल किया गया कि आप सीधे तौर पर आरोप लगा रहे हैं कि मध्य प्रदेश के भाजपा नेता उसे संरक्षण दे रहे हैं, तो इस पर शर्मा ने कहा, ‘मध्य प्रदेश आया कैसे? शरण एवं सरेंडर का खेल है ये। कहीं न कहीं उसको शरण दी गई थी और बाद में उसको उज्जैन में सरेंडर करवाया होगा। इसकी जांच होनी चाहिए।

उज्जैन में गिरफ्तार उत्तरप्रदेश के हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को शराब कंपनी के मैनेजर ने उज्जैन बुलाया था, पूरे परिवार को हिरासत में लिया:

कुख्यात गैंगस्टर एवं 5 लाख के ईनामी बदमाश विकास दुबे को आज सुबह महाकाल मंदिर से पकड़ा गया था।

इस मामले में यह जानकारी मिली है कि इसके मित्र तथा शराब कंपनी के मैनेजर ने उसे उज्जैन बुलाया था तथा उसकी मदद की थी।

आज दोपहर में पुलिस ने सागर कंपनी के मैनेजर आनंद तिवारी तथा उसके पूरे परिवार को हिरासत में ले लिया है तथा उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।

आनंद तिवारी यूपी का रहने वाला बताया जाता है और विकास दुबे से उसकी नजदीकियां थीं तथा अपुष्ट सूत्रों ने उसकी रिश्तेदारी होना भी बताई है।

नागझिरी स्थित निवास को भी सील किया गया है। सागर कंपनी में पिछले कई वर्षों से कार्यरत रहते हुए यह उज्जैन में ही था। इसी ने विकास दुबे को उज्जैन बुलाया।

विकास दुबे के राजनीतिक और पुलिस संरक्षकों को भी मिले सजा : मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को कहा कि कानपुर कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के राजनीतिक और पुलिस संरक्षकों को भी सख्त सजा होनी चाहिए।

सुश्री मायावती ने एक ट्वीट श्रृंखला में कहा कि जनता को विकास दुबे के माफिया संरक्षकों के गिरफ्तार होने का इंतजार है।

प्रियंका ने की कानपुर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कानपुर हत्याकांड की पड़ताल में सरकार को असफल बताते हुए मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो-सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।

श्रीमती वाड्रा ने गुरुवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि इस घटना से जुड़े तथ्यों से साबित होता है कि उत्तर प्रदेश सरकार आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की ठीक तरह से पड़ताल करने में असफल रही है और मामले में मिलीभगत हुई है।

उन्होंने कहा “कानपुर के जघन्य हत्याकांड में उत्तर प्रदेश सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वह पूरी तरह फेल साबित हुई।”

मामले में मिलीभगत होने का आरोप लगाते हुए श्रीमती वाड्रा ने कहा “अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है। तीन महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शन’ और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास’ का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं।”

उन्होंने मामले की व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा ” उत्तर प्रदेश सरकार को मामले की सीबीआई जांच करा सभी तथ्यों और संरक्षण के ताल्लुकातों को जगज़ाहिर करना चाहिए।”

भारत में बुधवार देर रात कोरोना संक्रमितों की संख्या हुई 7.70 लाख हुई,पहली बार एक दिन में 28 हजार से ज्यादा मामले सामने आए,21,114 मरीजों की मौत, रिकवरी दर 62 फीसदी से अधिक हुई attacknews.in

नयी दिल्ली, 08 जुलाई ।देश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के मामले बुधवार को 7.66 लाख के आंकड़े को पार कर गये लेकिन राहत की बात यह है कि मरीजों के स्वस्थ होने की दर 62 फीसदी से अधिक हो गयी है।

देश में आज मरीजों के स्वस्थ होने की दर बढ़कर 62.02 फीसदी पहुंच गयी जबकि मृत्यु दर महज 2.75 प्रतिशत रही। मंगलवार को संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर 61.50 फीसदी रही जबकि मृत्यु दर महज 2.78 प्रतिशत रही थी। पिछले एक सप्ताह में मरीजों के स्वस्थ होने की दर में करीब तीन फीसदी का इजाफा हुआ है।

‘कोविड19इंडियाडॉटओआरजी’ के आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 7,70,206 मामलों की आज रात तक पुष्टि हो चुकी है जबकि सुबह यह संख्या 742417 थी। अब तक कुल 476484 मरीज स्वस्थ हुए हैं जबकि 21144 लोगों की इस महामारी से मौत हो चुकी है। अन्य 270478 मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।

इन आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि सक्रिय मामलों की तुलना में स्वस्थ लोगों की संख्या दो लाख पांच हजार से अधिक है। इससे यह भी साफ है कि देश में अब तक कोरोना वायरस के जितने मरीज आये हैं, उनमें से आधे से अधिक पूरी तरह बीमारी से निजात पा चुके हैं। समय पर कोरोना के संदिग्ध मामलों की जांच और उनका सही तरीके से इलाज की अहम भूमिका रही।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 262679 नमूनों की जांच की गयी जिससे अब तक जांच किये गये नमूनों की कुल संख्या बढ़कर 10473771 हो गयी। इस दौरान देश में कोविड-19 की जांच करने वाली लैब की संख्या बढ़कर 1119 हो गयी है।

गौरतलब है कि संक्रमण के मामले में अमेरिका पहले और ब्राजील दूसरे स्थान पर है जबकि भारत रूस को रविवार को पीछे छोड़ तीसरे स्थान पर आ गया।

अमेरिका 3009611 कोरोना संक्रमण मामलों के साथ पहले स्थान पर है जबकि 1668589 संक्रमित मामलों के साथ ब्राजील दूसरे स्थान पर है। चौथे स्थान पर स्थित रूस में अब तक कोरोना वायरस संक्रमितों के कुल 700792 मामले सामने आये हैं तथा 10667 लोगों की मौत हुयी है।

महाराष्ट्र में कोरोना मामले सवा दो लाख के करीब, रिकवरी दर 55 फीसदी

देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) से सबसे गंभीर रूप से प्रभावित महाराष्ट्र में दिनों-दिन स्थिति भयावह होती जा रही है और पिछले 24 घंटों के दौरान रिकाॅर्ड 6603 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बुधवार की रात बढ़कर 2.23 लाख के पार पहुंच गयी लेकिन राहत की बात यह है कि मरीजों की रिकवरी दर बढ़कर 55 फीसदी से अधिक हो गयी है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य में अब तक 223724 लोग इस महामारी की चपेट में आए हैं। वहीं इस दौरान 198 और लोगों की इससे मौत होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 9448 हो गयी है। इस दौरान राज्य में 4634 लोग रोगमुक्त हुए हैं जिसके बाद स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या 123192 हो गयी है।

राहत की बात यह है कि मरीजों के स्वस्थ होने की दर 55.06 फीसदी पहुंच गयी है जबकि मृत्यु दर महज 4.22 प्रतिशत है। सूत्रों के मुताबिक राज्य में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 91065 है जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र पूरे देश में कोरोना संक्रमण और मौत के मामले में पहले नंबर पर है।

तमिलनाडु में कोरोना मामले 1.22 लाख के पार,1700 की मौत

चेन्नई] 08 जुलाई (वार्ता) तमिलनाडु में कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है और 3756 रिकॉर्ड मामले सामने आने के बाद बुधवार को संक्रमितों की संख्या 1.22 लाख के पार पहुंच गयी।
राहत की बात यह है कि राज्य में संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने की दर 60.61 फीसदी पहुंच गयी है जबकि मृत्यु दर महज 1.38 प्रतिशत है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राज्य में संक्रमितों की संख्या 122350 हो गयी है। पिछले 24 घंटों के दौरान 64 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 1700 हो गयी है।

सूत्रों के मुताबिक इस दौरान 3051 और मरीज स्वस्थ हुए हैं और इसके बाद ठीक हुए मरीजों की संख्या बढ़कर 74167 हो गयी है। राज्य में फिलहाल 46483 सक्रिय मामले हैं।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस से संक्रमित मामलों में तमिलनाडु देश में महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद तीसरे नंबर पर आ गया था लेकिन गत सोमवार को 86000 से अधिक मामलों के साथ ही यह दिल्ली को पीछे छोड़ फिर से दूसरे स्थान पर आ गया। तब से एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी तमिलनाडु इस स्थान पर बरकरार है।

मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के ‘एक्टिव केस’ बढ़े, सरकार की चिंता बढ़ी,409 नए मामलों से संक्रमितों की संख्या 16,036 हुई और मौत का आंकड़ा हुआ 629 attacknews.in

भाेपाल, 08 जुलाई ।मध्यप्रदेश में पिछले आठ दिनों के दौरान कोरोनों संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ ही ‘एक्टिव केस’ की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और इस स्थिति ने प्रशासन को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है। सरकार अब एक दिन पूरे राज्य में लॉकडाउन लागू करने जा रही है और शीघ्र ही इस बारे में दिशानिर्देश जारी होंगे।

राज्य के स्वास्थ्य संचालनालय की ओर से आज रात जारी किए गए बुलेटिन के अनुसार कोरोना के 409 नए मामले सामने आने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 16036 हो गयी है। अब तक राज्य में 629 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वस्थ होने वालों की संख्या 11987 है और एक्टिव केस यानी अस्पताल में उपचाररत मरीजों की संख्या बढ़कर 3420 हो गयी है।

नीचम में मिला एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज

मध्यप्रदेश के नीमच में एक और कोरोना संक्रमित मरीज मिला है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार कल देर रात प्राप्त हुए जांच रिपोर्ट में एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। इस महामारी से कल एक कोरोना संक्रमित मरीज की उपचार के दौरान मौत हो गई।

इंदौर जिले में कोरोना के 44 नये मामले

इंदौर जिले में ‘कोविड 19’ के 44 नये मामले आने के बाद कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 4,998 तक जा पहुंची है। राहत की खबर है कि इनमें से अब तक 3871 संक्रमित स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ प्रवीण जड़िया ने कल रात बुलेटिन जारी कर बताया कि जांचे गये 1545 सैम्पलों में 44 संक्रमित पाये गये हैं, जबकि 1612 सैम्पल जांच के लिये प्राप्त हुये हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 96,090 जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी हैं, जिसमें कुल संक्रमितों की संख्या 4998 है।

कोरोना संक्रमित एक मरीज की मौत

सिवनी में कोरोना संक्रमित एक मरीज की मौत हो गई।
कलेक्टर डॉ राहुल हरिदास फटिंग ने आज बताया कि सिवनी निवासी कोरोना संक्रमित एक मरीज की महाराष्ट्र के नागपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई।

सीहोर में तीन नए पॉजिटिव

सीहोर जिले में आज तीन नए पॉजिटिव पाए जाने के बाद इससे संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 23 तक पहुंआधिकारिक जानकारी के अनुसार जिले के आष्टा के अलीपुर निवासी एक बालक और एक बालिका की रिपोर्ट पॉजिटिव प्राप्त हुई है। वहीं, सीहोर कस्बे दीवानबाग निवासी एक महिला भी कोरोना जांच में पॉजिटिव पायी गयी। इन 3 पॉजिटिव को मिलाकर कुल एक्टिव पॉजिटिव की संख्या 23 हो गयी है।

शिवपुरी में मिले पांच नए पाॅजिटिव

शिवपुरी में आज फिर पांच कोरोना मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिनमें तीन शिवपुरी के हैं तथा दो मरीज कोलारस अनुविभाग के रन्नौद क्षेत्र के हैं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार पांच मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 103 तक पहुंच चुकी है तथा अभी तक 38 मरीज ठीक हो चुके हैं। इसी बीच शिवपुरी में गत सोमवार से 7 दिनों का लॉकडाउन चल रहा है।

सागर में 7 नए कोरोना मरीज मिले

सागर जिले के बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज वायरोलाॅजी लैब की रिपोर्ट के अनुसार सात मरीज की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई है।आधिकारिक जानकारी के अनुसार इन सात लोगों में 26 वर्षीय पुरूष रामपुरा वार्ड, 37 वर्षीय महिला सदर बाजार, 53 वर्षीय पुरूष बाघराज वार्ड, 48 वर्षीय महिला गोपालगंज वार्ड, 24 वर्षीय महिला बाघराज वार्ड, 45 वर्षीय पुरूष मोतीनगर वार्ड एवं 43 वर्षीय पुरूष कटरा भीतर बाजार कोतवाली जिला सागर निवासी शामिल हैं।

उत्तरप्रदेश पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को छठें दिन ढूंढने में नाकाम रहने पर 5 लाख ईनामी किया, गुर्गों और हमदर्दों की आई शामत , चौबेपुर थाना TI विनय तिवारी गिरफ्तार attacknews.in

लखनऊ 08 जुलाई । उत्तर प्रदेश पुलिस के आठ कर्मठ जवानो की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे वारदात के छठे दिन भी सुरक्षा एजेंसियों के हाथ नहीं लग सका है।

चौबेपुर के बिकरू गांव से अपनी आपराधिक सल्तनत चलाने वाला साधारण सा हिस्ट्रीशीटर आज पुलिस प्रशासन को कड़ी चुनौती पेश कर रहा है।

विकास की गिरफ्तारी और उसे अपने किये के अंजाम तक पहुंचाने के लिये पुलिस की 50 से अधिक टीमे दिन रात एक किये हुये हैं लेकिन शातिर दिमाग अपराधी उन्हे कदम कदम पर गच्चा देकर पुलिस की प्रतिष्ठा को ललकार रहा है।

इस बीच विकास दुबे को हरियाणा में फरीदाबाद के सेक्टर 87 में दिखायी देने की सूचना पुलिस को मिली है। सूत्रों का दावा है कि मंगलवार देर रात विकास एक होटल की सीसी फुटेज में देखा गया लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह वहां से फरार हो गया। उसके उत्तराखंड की सीमा में दाखिल होने की संभावना के मद्देनजर वहां की पुुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। फरीदाबाद में विकास के दो और साथियों के भी पकड़े जाने की सूचना है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

गौरतलब है कि गुरूवार और शुक्रवार की रात चौबेपुर के बिकरू गांव में हत्या के प्रयास के मामले में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को गिरफ्तार करने गयी पुलिस टीम पर बदमाशों ने फायरिंग की थी। इस हमले में पुलिस उपाधीक्षक बिल्हौर देवेंद्र कुमार मिश्र के अलावा शिवराजपुर के थाना प्रभारी महेश यादव,मंधना चौकी प्रभारी अनूप कुमार, शिवकराजपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक नेबूलाल,चौबेपुर थाने में तैनात कांस्टेबल सुल्तान सिंह ,बिठूर थाने में तैनात कांस्टेबल राहुल,जितेंद्र और बबलू शहीद हो गये थे जबकि घटना में सात पुलिसकर्मी घायल हो गये थे।

आठ पुलिस वालों के हत्यारे विकास पर अब पांच लाख का इनाम

लखनऊ 08 जुलाई । कानपुर में आठ पुलिस वालों के हत्यारे विकास दूबे की जानकारी देने पर इनाम की राशि अब बढ़ा कर आज ढाई लाख से पांच लाख कर दी गई।

पुलिस महानिदेशक हितैष चन्द्र अवस्थी ने कहा कि कानपुर के चौबेपुर में हुई आठ पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में विकास और उसके साथियों की धर पकड़ जारी है। बुधवार को हमीरपुर में विकास के करीबी अमर को मुठभेड़ में मारने के बाद विकास के एक और साथी श्यामू बाजपेयी कानपुर में पुलिस ने धर दबोचा है। दोनों के सिर पर 25 हजार रुपये का इनाम था।

विकास की तलाश में नेपाल सीमा खंगाल रही पुलिस

शहीद पुलिसकर्मियो की हत्या का आरोपी विकास दूबे की गिरफ्तारी के लिए बुधवार को बलरामपुर से लगी नेपाल की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।

एसटीएफ ने विकास दुबे के साले काे कानपुर ले गई

शहडोल से खबर है कि, उत्तरप्रदेश के कानपुर के बहुचर्चित पुलिस हत्याकांड में मास्टरमाइंड विकास दुबे के साले को आज स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) कानपुर अपने साथ ले गई।

पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र शुक्ला के अनुसार कानपुर पुलिस हत्याकांड के मास्टरमाइंड विकास दुबे के साले राजू खुल्लर उर्फ़ राजू निगम को कानपुर एसटीएफ पूछताछ करने के लिए उसे अपने साथ कानपुर ले गई।

चौबेपुर के पूर्व थानाध्यक्ष विनय तिवारी गिरफ्तार

कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र के निलंबित थानाध्यक्ष विनय तिवारी समेत दो पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बुधवार शाम यहां पत्रकारों को बताया कि चौबपुर के पूर्व थानाध्यक्ष विनय तिवारी और बीट प्रभारी के.के शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कुख्यात बदमाश विकास दुबे के राजस्थान में घुसने की आशंका के चलते सतर्कता बढ़ी

अलवर( राजस्थान),से खबर है कि,उत्तर प्रदेश के कुख्यात बदमाश विकास दुबे के राजस्थान और हरियाणा के मेवात क्षेत्र में घुसने की आशंका के चलते राजस्थान में अलवर जिले की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गयी है।

सूत्रों ने आज बताया कि पुलिस बल तैनात कर वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक डीएसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में बदमाश विकास दुबे के मेवात में सक्रिय डॉक्टर कुलदीप गैंग, चीकू गैंग, लादेन गैंग और पपला गैंग से सम्बंध होने के चलते इस क्षेत्र में आने की आशंका है। लिहाजा अलवर पुलिस अलर्ट मोड़ पर आ गई है। और हरियाणा बॉर्डर पर बुलेट फ्रूफ जैकेट और हथियार बंद जवान तैनात कर नाकाबन्दी की जा रही है।

गैंगस्टर विकास दुबे को लेकर जालौन पुलिस भी अलर्ट मोड पर

जालौन से खबर है कि,कानपुर के बिकरु कांड के मुख्य आरोपी पांच लाख के इनामी बदमाश विकास दुबे और उसके साथियों की तलाश के लिए उत्तर प्रदेश के जालौन की पुलिस भी अलर्ट मोड पर है।

यहां बुधवार को अपराध समीशा बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ़ सतीश कुमार ने कहा कि कानपुर कांड से जुड़े गैंगस्टर व उनसे जुड़े सदस्यों को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी है। हर समय पुलिस अधिकारी अलर्ट रहें और कोई भी सूचना अगर मिलती है तो उस पर तुरंत एक्शन लें। इस मामले में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाए। इसके अलावा माफिया विकास दुबे को लेकर हाईकमान से प्राप्त दिशा—निर्देशों के बारे में भी पुलिस अधीक्षक ने अधीनस्थों को अवगत कराया। गैंगस्टर को पकडऩे के लिए जिले में भी उसके पोस्टर लग गए हैं। जिले के आटा व एट टोल प्लाजा समेत कई प्रमुख स्थानों पर पुलिस ने यह पोस्टर लगाए हैं साथ ही टोलकर्मियों को निर्देश भी दिए गए हैं कि उन्हें यहां से गुजरने वाले वाहनों को लेकर किस तरह से काम करना है।उन्हें निर्देश दिये गये हैं कि किसी भी प्रकार का शक होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

विकास दुबे के मध्यप्रदेश में घुसने की संभावना के चलते पुलिस ने बढाई चौकसी

ग्वालियर,से खबर है कि कुख्यात बांछित अपराधी विकास दुबे के मध्यप्रदेश की सीमा में घुसने की संभावना के मद्देनजर पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है।

मध्यप्रदेश पुलिस के एडीजी राजबाबू ने आज यहां बताया कि विकास दुबे यदि मध्यप्रदेश में आया तो उसकी खैर नहीं।

मध्यप्रदेश पुलिस उत्तर प्रदेश के जिलों से लगी अपनी सीमा पर विशेष चौकसी कर रही है और चंबल के बीहडों में भी सर्चिंग पार्टियां उतारी गई है। उन्होंने बताया कि उन्हें जानकारी लगी थी कि यूपी का मोस्ट वांटेंड ढाई लाख का इनामी मध्यप्रदेश में घुसने की फिराक में है तो उन्होंने समूचे ग्वालियर चंबल संभाग की पुलिस को सतर्क किया हुआ है। विकास दुबे की जानकारी लगते ही हम उसे दबोच लिए जाएगा।

विकास का गुर्गा अमर दुबे मुठभेड़ में ढेर

उधर उत्तर प्रदेश में हमीरपुर के मौदहा क्षेत्र में मोस्टवांटेड हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के एक साथी अमर दुबे को पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बुधवार तड़के एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद मार गिराया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक सूचना के आधार पर एसटीएफ और हमीरपुर पुलिस ने अमर को मौदहा कस्बे में घेर लिया और उसे आत्मसमर्पण की चेतावनी दी लेकिन अभियुक्त ने फायरिंग करते हुये भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने उसे ढेर कर दिया।

उन्होने बताया कि शिवली थाना क्षेत्र का निवासी संजीव दुबे का पुत्र अमर हिस्ट्रीशीटर का रिश्तेदार होने के साथ उसका खास गुर्गा था। बिकरू गांव में दबिश देने गयी पुलिस टीम पर उसने छत से गोलियां चलायी थी जिसमें कोतवाल समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गये थे। पुलिस ने जो पोस्टर जारी किये है,उसमें 11वें नम्बर पर अमर दुबे का नाम अंकित है।

सूत्रों ने बताया कि बेहद कम उम्र में अमर हिस्ट्रीशीटर के गैंग का हिस्सा बन गया था। वह विकास के लिये रंगदारी और शराब के ठेकों से वसूली का काम देखता था।

विकास का एक और गुर्गा सशस्त्र मुठभेड़ में गिरफ्तार

कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार तड़के मोस्टवांटेड अपराधी विकास दुबे के साथी को एक सशस्त्र मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी ढाई लाख रूपये के इनामी विकास दुबे के साथी बिकरू गांव निवासी श्यामू बाजपेयी को पुलिस शिवली रोड मुड्डी के बायें जंगल में छिपाये गये हथियार की बरामदगी के लिये ले गयी थी। जीप से उतरने के बाद श्यामू ने जमीन में छिपाये गये तमंचे को निकाल कर पुलिस पर फायर किया। आत्मरक्षार्थ पुलिस ने गोली चलायी जो उसके पैर में लगी। इसके बाद जवानो ने उसे धर दबोचा।

मध्य प्रदेश भागने की फिराक में था अमर

उत्तर प्रदेश में हमीरपुर के मौदहा कस्बे में पुलिस को पहुंचने में अगर थोड़ी भी देर हो जाती तो विकास दुबे का गुर्गा अमर दुबे मध्य प्रदेश की ओर निकल चुका होता।

अमर को एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने मौदहा के अरतरा गांव में मार गिराया था। इस मुठभेड़ में एक एसआइ और एसटीएफ के सिपाही को भी मामूली चोट आयी है। अमर के कब्जे से नौ एमएम की एक पिस्टल बरामद हुयी है।

मध्यप्रदेश के दतिया में जन्मे बॉलीवुड के हास्य अभिनेता जगदीप जाफरी( सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी ) का निधन, “सूरमा भोपाली” बनी थी पहचान attacknews.in

मुंबई,08 जुलाई । शोले के ‘सूरमा भोपाली’ बॉलीवुड के हास्य अभिनेता जगदीप जाफरी का बुधवार रात निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे।

अपने हास्य अभिनय से लाखों फिल्म प्रेमियों के चहेते जगदीप ने शोले फिल्म में शूरमा भोपाली की भूमिका से अपनी अमिट छाप छोड़ी।

उनका असली नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी था। मध्यप्रदेश के दतिया में 29 मार्च 1939 को जन्मे जगदीप को अपने अभिनय के लिए आइफा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी मिला था।

जगदीप ने 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया था लेकिन शोले फिल्म में ‘सूरमा भोपाली’ की भूमिका से उन्हें बड़ी शोहरत मिली। जगदीप ने फिल्मी सफर 1951 में शुरु किया था।

लंबे संघर्ष के बाद बॉलीवुड के ‘सूरमा’ बने जगदीप

अपने जबरदस्त कॉमिक अभिनय से दर्शकों के दिलों में गुदगुदी पैदा करने वाले हंसी के बादशाह जगदीप ने बॉलीवुड में पांच दशक से अधिक समय तक राज किया लेकिन उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिये काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा।

मध्यप्रदेश के दतिया में 29 मार्च, 1939 को जन्में जगदीप का मूल नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी था। उनके पिता वकील थे।

जगदीप जब आठ साल के थे तो पिता का निधन हो गया। देश का विभाजन हुआ, तो परिवार तितर-बितर हो गया। ऐसे में जगदीप अपनी मां के साथ बंबई (वर्तमान मुंबई) आ गये। जगदीप का मन पढ़ाई में नहीं लगता था, ऊपर से पैसों की तंगी के कारण उनका पढ़ाई से मन उचट गया। पढ़ाई छोड़ वह काम की तलाश में लग गए और सड़कों पर कंघी बेचना शुरू कर दिया।

जगदीप ने अपने सिने करियर की शुरुआत फिल्मकार बी. आर. चोपड़ा की वर्ष 1951 में प्रदर्शित फिल्म ‘अफसाना’ से बतौर बाल कलाकार के रूप में की।जगदीप ने इस फिल्म में सिर्फ इसलिए काम किया क्योंकि कंघी बेचकर दिनभर में वह जितना कमा पाते थे, फिल्म में उन्हें उससे दोगुना मिल रहा था। इसके बाद जगदीप ने बतौर बाल कलाकार लैला मजनूं , मुन्ना और आरपार जैसी फिल्मों में काम किया। विमल रॉय की फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ से जगदीप फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गये। फिल्म ‘हम पंछी एक डाल के’ में जगदीप के काम को लोगों ने काफी सराहा और भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी जगदीप की तारीफ की थी।

मध्यप्रदेश में हरेक रविवार एक दिनी लाॅकडाउन की घोषणा,प्रदेश में मास्क लगाने एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करवाने के निर्देश attacknews.in

भोपाल 8 जुलाई ।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि प्रदेश में पिछले एक सप्ताह में प्रदेश के कुछ जिलों, विशेषकर सीमावर्ती जिलों से कोरोना के  अधिक मामले आने से  प्रदेश की कोरोना ग्रोथ रेट बढ़ी है। प्रदेश में पहले कोरोना ग्रोथ रेट 1.72 थी, जो बढ़कर 2.01 हो गई है। सभी जिलों में मास्क लगाने एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन हो यह सुनिश्चित किया जाए।  सभी सीमावर्ती जिलों में पब्लिक एडवाइजरी जारी की जाए। सभी जिलों में सप्ताह में एक दिन आवश्यक प्रतिबंध लागू किए जाएं।

इसके तुरंत बाद में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सप्ताह में प्रत्येक रविवार को प्रदेश भर में सख्ती के साथ पूर्ण लाॅकडाउन की घोषणा कर दी ।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी श्री विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य डॉ मोहम्मद सुलेमान आदि उपस्थित थे।

मुख्य सचिव एवं डीजीपी तैयार करें मैकेनिज्म

बड़वानी, मुरैना एवं अन्य सीमावर्ती जिलों की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वहां कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। वहां सीमा पार दूसरे प्रांतों में संक्रमण अधिक होने से इन जिलों में संक्रमण बढ़ रहा है। इस पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्य सचिव एवं डीजीपी को निर्देश दिए कि वे इस संबंध में मैकेनिज्म तैयार कर पब्लिक एडवाइजरी जारी करें। हमें प्रदेश में हर स्थान पर कोरोना संक्रमण को बढ़ने से हर-हाल में रोकना है।

सैनिटाइजर नहीं तो जुर्माना

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि प्रदेश में मास्क का प्रयोग अनिवार्य किया गया है। इसी प्रकार शॉपिंग मॉल, कार्यालयों आदि  मैं सैनिटाइजर रखना आवश्यक है। ऐसा न करने पर जुर्माना किया जाए। सभी स्थानों पर फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन हो, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।

किल कोरोना अभियान के अच्छे परिणाम

बैठक में श्री सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में किल कोरोना अभियान के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। पहले प्रदेश में टेस्टिंग क्षमता 6000 टेस्ट प्रतिदिन थी, जो इस अभियान के चलते 12104 पहुँच गई है। किल कोरोना अभियान  के अंतर्गत लिए गए सैंपल की पॉजिटिविटी दर 2.2 प्रतिशत आ रही है जो कि अच्छे संकेत हैं।

इंदौर की हालत में निरंतर सुधार

इंदौर जिले की समीक्षा में पाया गया कि वहां की हालत में निरंतर सुधार हो रहा है। इंदौर में कोरोना की पॉजीटिविटी दर निरंतर कम हुई है। पहले यह दर 11 प्रतिशत तक थी जो अब घटकर 2.12 प्रतिशत रह गई है। इंदौर में वर्तमान में 875 एक्टिव प्रकरण हैं तथा 3871 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। इंदौर में मृत्यु दर एक प्रतिशत से भी नीचे आ चुकी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूरी टीम को बधाई दी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार को मंजूरी,कृषि अवसंरचना कोष को मंजूरी,शहरी प्रवासियों के लिए किफायती किराये के आवासीय परिसरों को मंजूरी, कर्मचारी भविष्य निधि के अंशदान में सरकारी योगदान की अवधि तीन महीने बढी attacknews.in

नईदिल्ली 8 जुलाई ।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कोविड-19 से आर्थिक स्तर पर मुकाबला करने के एक हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) को और पांच महीने-जुलाई से नवंबर, 2020 तक विस्तार देने को मंजूरी दी है।

योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के सभी लाभार्थी परिवारों को अगले पांच महीनों- जुलाई से नवंबर, 2020 तक प्रति महीने 1 किलो चने के नि:शुल्क वितरण के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को 9.7 लाख एमटी चना वितरित करने का प्रस्ताव है, जिसकी अनुमानित लागत 6,849.24 करोड़ रुपये है।

योजना के तहत लगभग 19.4 करोड़ परिवारों को कवर किया जाएगा। विस्तारित पीएमजीकेएवाई का सभी खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। योजना का विस्तार भारत सरकार की प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है, जिसके तहत यह प्रयास किया गया है कि अगले पांच महीनों तक खाद्यान्न की अनुपलब्धता के कारण किसी भी व्यक्ति, विशेषकर किसी भी गरीब परिवार को कठिनाई का सामना न करना पड़े। इन पांच महीनों के दौरान चने के निःशुल्क वितरण से उपरोक्त सभी व्यक्तियों को प्रोटीन की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।

2015-2016 में स्थापित बफर स्टॉक से पैकेज के लिए दालों का वितरण किया जायेगा। पीएमजीकेएवाई की विस्तारित अवधि के दौरान वितरण के लिए भारत सरकार के पास चने का पर्याप्त स्टॉक है।

पीएमजीकेएवाई के पहले चरण (अप्रैल से जून 2020 तक) में, 4.63 लाख एमटी दालों का वितरण पहले ही किया जा चुका है, जिससे देश भर के 18.2 करोड़ परिवार लाभान्वित हुए हैं।

पृष्ठभूमि:

प्रधानमंत्री ने 30 जून, 2020 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज को नवंबर, 2020 के अंत तक विस्तार देने की घोषणा की ताकि कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण हुए आर्थिक व्यवधान से वंचितों या गरीबों की कठिनाइयों को कम किया जा सके।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि को जुलाई से पांच माह और बढ़ाकर नवंबर, 2020 तक करने को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कोविड-19 से निपटने के आर्थिक उपाय के रूप में केन्द्रीय पूल से खाद्यान्न के अतिरिक्त आवंटन के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्‍न योजना (पीएमजीकेएवाई) की अवधि को जुलाई से पांच माह और बढ़ाकर नवंबर, 2020 तक करने को मंजूरी दे दी है।

भारत सरकार ने देश में कोविड-19 से उत्‍पन्‍न आर्थिक व्यवधानों के कारण गरीबों को हो रही भारी कठिनाइयों को दूर करने के लिए मार्च 2020 में ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी) की घोषणा की।

इस पैकेज में अन्य बातों के अलावा ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई)’ का कार्यान्वयन भी शामिल है जिसके जरिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के तहत कवर किए गए लगभग 81 करोड़ लाभार्थियों को प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम अतिरिक्त खाद्यान्न (चावल/गेहूं) मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि गरीब और कमजोर परिवार/लाभार्थी किसी भी वित्तीय परेशानी का सामना किए बिना ही आसानी से खाद्यान्न प्राप्‍त कर सकें। इस कार्यक्रम के तहत आरंभ में तीन माह यानी अप्रैल, मई और जून के लिए मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया था।

हालांकि, गरीबों और जरूरतमंदों को निरंतर मदद की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पीएम-जीकेएवाई योजना की अवधि को अगले 5 महीनों यानी जुलाई-नवंबर 2020 तक के लिए और बढ़ा दिया गया है।

इससे पहले पीएम-जीकेएवाई के तहत इस विभाग ने 30 मार्च 2020 को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को लगभग 120 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) खाद्यान्न का आवंटन किया था, जिसका वितरण तीन माह (अप्रैल-जून, 2020) के दौरान किया जाना था। तदनुसार, एफसीआई और अन्य राज्य एजेंसियों ने इस विशेष योजना के तहत वितरण के लिए सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 120 एलएमटी खाद्यान्न में से 116.5 एलएमटी (97%) से भी अधिक खाद्यान्न की डिलीवरी कर दी है। अब तक सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने संयुक्त रूप से अप्रैल-जून, 2020 की अवधि के लिए लगभग 107 एलएमटी (आवंटित खाद्यान्न का 89%) का वितरण किए जाने के बारे में सूचना दी है। अब तक, अप्रैल में लगभग 74.3 करोड़ लाभार्थी कवर किए जा चुके हैं और मई में 74.75 करोड़ लाभार्थियों को कवर किया गया है तथा जून 2020 में लगभग 64.72 करोड़ लाभार्थियों ने अपने नियमित एनएफएसए खाद्यान्न के अलावा इन अतिरिक्त मुफ्त खाद्यान्न का भी लाभ उठाया है। वितरण अभी जारी है और वितरण कार्य पूरा हो जाने के बाद वितरण के आंकड़े को अपडेट कर दिया जाएगा। यही नहीं, कुछ राज्यों ने विभिन्न लॉजिस्टिक कारणों से दो-तीन माह वाले पीएम-जीकेएवाई खाद्यान्न को एक ही बार में वितरित कर दिया।

नियमित रूप से एनएफएसए वितरण के तहत अप्रैल, मई और जून 2020 के दौरान एनएफएसए और पीएम-जीकेएवाई के लगभग 252 एलएमटी खाद्यान्न को एफसीआई द्वारा अपने मजबूत आपूर्ति नेटवर्क का उपयोग करते हुए पूरे देश में स्थानांतरित किया गया था। दूरदराज और दुर्गम स्थानों पर अन्य तरीकों जैसे कि वायु और जल मार्गों से निरंतर खाद्यान्न भेजा गया, ताकि वहां के लाभार्थियों को समय पर इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उल्लेखनीय है कि यहां तक कि पूर्ण लॉकडाउन के दौरान भी आपूर्ति श्रृंखलाओं को अत्‍यंत कुशलतापूर्वक बनाए रखते हुए एफसीआई एवं विभाग ने एनएफएसए और पीएम-जीकेएवाई योजना के तहत लाभार्थियों को खाद्यान्न की निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित की। इसके अलावा, कई राज्यों में बॉयोमैट्रिक प्रमाणीकरण पर अस्थायी रोक रहने के बावजूद संकट की घड़ी में आईटी आधारित पीडीएस सुधारों से लाभ उठाया गया जिनमें कुल 5.4 लाख उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) में से लगभग 4.88 लाख (90.3%) का डिजि‍टल ईपीओएस मशीन नेटवर्क और लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन का पूर्ण कम्प्यूटरीकरण शामिल हैं।

पिछले वर्ष यानी 2019 के अप्रैल-मई-जून के दौरान इस विभाग ने एनएफएसए के तहत कुल 130.2 एलएमटी खाद्यान्न का आवंटन किया था, जिसमें से लगभग 123 एलएमटी (95% खाद्यान्न) का उठाव राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कर लिया गया था। वहीं, अप्रैल-मई-जून 2020 के तीन माह की समान अवधि के दौरान इस विभाग ने इन्‍हीं लाभार्थियों के लिए कुल लगभग 252 एलएमटी खाद्यान्न आवंटित किया था (एनएफएसए के तहत 132 एलएमटी और पीएम-जीकेएवाई के तहत 120 एलएमटी), जिसमें से 247 एलएमटी से भी अधिक खाद्यान्न का उठाव हो चुका है और पिछले तीन महीनों के दौरान एनएफएसए के लाभार्थियों को अब तक 226 एलएमटी का वितरण किया गया है, जो यह दर्शाता है कि लोगों को अत्‍यंत आवश्‍यक राहत के रूप में खाद्यान्न की सामान्य मात्रा का लगभग दोगुना वितरित किया गया है।

अब चूंकि ‘पीएम-जीकेएवाई’ की अवधि 5 और महीनों के लिए नवंबर 2020 तक बढ़ा दी गई है, इसलिए खाद्यान्न की समान मजबूत आपूर्ति और वितरण को आगे भी निरंतर कायम रखा जाएगा। इसके तहत खाद्यान्न की लागत और वितरण पर 76062 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अनुमानित व्यय होगा।

कृषि अवसंरचना कोष को मंजूरी

सरकार ने कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कृषि अवसंरचना कोष को बुधवार को मंजूरी दे दी ।

मंत्रिमंडल की यहां हुई बैठक ने नई देशव्यापी केंद्रीय क्षेत्र योजना-कृषि अवसंरचना कोष को मंजूरी प्रदान की गई। यह योजना ब्याज अनुदान और वित्तीय सहायता के माध्यम से, फसल के बाद बुनियादी ढांचा प्रबंधन और सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों के लिए व्यवहार्य परियोजनाओं में निवेश के लिए मध्यम-लंबी अवधि के ऋण वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करेगी।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने संवाददाता सम्मेलन में बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों के द्वारा एक लाख करोड़ रुपये ऋण के रूप में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसी), विपणन सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), किसानों, संयुक्त देयता समूहों (जेएलसी), बहुउद्देशीय सहकारी समितियों, कृषि उद्यमियों, स्टार्टअपों, संग्रहित अवसंरचना प्रदाताओं और केंद्रीय/राज्य एजेंसियों या स्थानीय निकायों द्वारा प्रायोजित सार्वजनिक निजी भागीदारी परियोजनों को उपलब्ध कराई जाएगी।

ऋण का वितरण चार वर्षों में किया जाएगा, चालू वित्तीय वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये और अगले तीन वित्तीय वर्ष में 30,000 करोड़ रुपये क्रमशः की मंजूरी प्रदान की गई है।

इस वित्तपोषण सुविधा के तहत सभी प्रकार के ऋणों में प्रति वर्ष दो करोड़ रुपये की सीमा तक ब्याज में तीन प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। यह छूट अधिकतम सात वर्षों के लिए उपलब्ध होगी। इसके अलावा, दो करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसई) योजना के अंतर्गत इस वित्तपोषण सुविधा के माध्यम से पात्र उधारकर्ताओं के लिए क्रेडिट गारंटी कवरेज भी उपलब्ध होगा। इस कवरेज के लिए सरकार द्वारा शुल्क का भुगतान किया जाएगा।

एफपीओ के मामले में, कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग (डीएसीएफडब्ल्यू) के एफपीओ संवर्धन योजना के तहत बनाई गई इस सुविधा से क्रेडिट गारंटी का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

शहरी प्रवासियों के लिए किफायती किराये के आवासीय परिसरों को मंजूरी

सरकार ने शहरों में प्रवासियों के आवास की समस्या से निपटने के लिये किफायती किराये के आवासीय परिसर बनाने को मंजूरी दी है।

मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधान मंत्री आवास योजना- शहरी के अंतर्गत एक उप-योजना के रूप में शहरी प्रवासियों और गरीबों के लिए कम किराये वाले आवासीय परिसरों का निर्माण होगा।

उन्होंने बताया कि खाली पड़े सरकार द्वारा वित्तपोषित आवासीय परिसरों को 25 साल के लिए रियायत समझौते के माध्यम किफायती किराया आवास परिसर में परिवर्तित कर दिया जाएगा। आवासीय परिसर संचालक कंपनी को आवासें को रहने लायक बनाना होगा और इन कंपनियों का चयन नीलामी प्रक्रिया से होगा। सरकार और कंपनी के समझौते की अवधि 25 वर्ष होगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना से विनिर्माण उद्योगों, आतिथ्य सेवा, स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवा प्रदाताओं, घरेलू तथा /व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और निर्माण या अन्य क्षेत्रों में लगे अधिकांश कार्यबल, कामगार, विद्यार्थी आदि को लाभ होगा जो ग्रामीण क्षेत्रों या छोटे शहरों से आते हैं ।

कर्मचारी भविष्य निधि के अंशदान में सरकारी योगदान की अवधि तीन महीने बढी

सरकार ने कोरोना महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों में आयी मंदी से निपटने के लिये कर्मचारी भविष्य निधि – ईपीएफ के दोनों कर्मचारी और नियोक्ता के अंशदान में सरकारी योगदान की अवधि और तीन महीने बढाने का फैसला किया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को यहां हुई बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।

बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने यहां बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत सरकार के घोषित पैकेज के एक हिस्से के रूप में, इस वर्ष जून से लेकर अगस्त तक की तीन महीने की अवधि के लिए कर्मचारी भविष्य निधि में कर्मचारियों के 12 प्रतिशत एवं नियोक्ताओं के 12 प्रतिशत कुल 24 प्रतिशत का अंशदान सरकार करेगी।

उन्होंने बताया कि यह मंजूरी 15 अप्रैल 2020 को अनुमोदित मार्च से मई के वेतन महीनों की वर्तमान योजना के अतिरिक्त है। नयी योजना का कुल अनुमानित व्यय 4,860 करोड़ रुपये होगा। इससे 3.67 लाख प्रतिष्ठानों के 72 लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

भारत में 117 फर्जी बाबाओं तथा आध्यात्मिक गुरूओं के आश्रमों को बंद कराने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकारी और केंद्र सरकार से मांगी राय attacknews.in

नयी दिल्ली, 08 जुलाई । उच्चतम न्यायालय ने फ़र्ज़ी बाबाओं और आध्यात्मिक गुरुओं द्वारा संचालित आश्रमों को बंद किये जाने संबंधी याचिका पर बुधवार को केंद्र सरकार की राय जाननी चाही।

मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति आर सुभाषरेड्डी और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की खंडपीठ ने तेलंगाना निवासी डुम्पाला रमारेड्डी की वह जनहित याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली, जिसमें उन्होंने देश के 17 आश्रम एवं अखाड़ों में महिलाओं से संबंधित आपराधिक गतिविधियों के आरोपों और इन आश्रमों में रह रही महिलाओं के बीच कोरोना महामारी फैलने के ख़तरे के मद्देनजर न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की है।

न्यायालय ने याचिकाकर्ता को अपनी याचिका की एक प्रति केंद्र सरकार को सौंपने का निर्देश दिया तथा सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि सरकार इस मामले में क्या कर सकती है?

याचिकाकर्ता ने कहा है कि जुलाई 2015 में उनकी बेटी विदेश से डॉक्टरी की उच्च शिक्षा की पढ़ाई करके आई थी, जो दिल्ली में एक फ़र्ज़ी बाबा वीरेंद्र दीक्षित के चंगुल में फंस गई और पिछले पांच सालों से इस बाबा के दिल्ली के रोहिणी इलाक़े में बने आश्रम आध्यात्मिक विद्यालय में रह रही है। यह बाबा बलात्कार के आरोप में तीन साल से फ़रार चल रहा है।

याचिका में कहा गया है कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने देशभर में 17 आश्रम और अखाड़ों को फ़र्ज़ी करार दिया है, जिनमें ज़्यादातर अवैध निर्माण वाली बिल्डिंग में चल रहे हैं, जहां रहने लायक़ बेसिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इनमें लड़कियां और महिलाएं रह रही हैं जिनके हालात जेल के क़ैदियों से भी बदतर है।

याचिकाकर्ता ने दिल्ली के रोहिणी इलाक़े में बने आश्रम आध्यात्मिक विद्यालय को ख़ाली करवाये जाने और इस आश्रम में रह रही कम से कम 170 महिलाओं को आश्रम से मुक्त करवाने का मांग न्यायालय से की है। न्यायमूर्ति बोबडे ने श्री मेहता से कहा कि वह याचिका पढ़ लें और यह बतायें कि आखिर इसमें केंद्र सरकार क्या कर सकती है? मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

नेपाल की राजनीति में चीन की दखलंदाजी से प्रधानमंत्री ओली का सिंहासन डोला,ओली का राजनीतिक भविष्य तय करने के लिए होने वाली एनसीपी की बैठक फिर टली attacknews.in

काठमांडू, आठ जुलाई । नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की बुधवार को होने वाली अहम बैठक एक बार फिर टल गई है, अब यह शुक्रवार को होगी।

इस बैठक में प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली के राजनीतिक भविष्य पर फैसला होना था। ओली की कार्यशैली तथा भारत विरोधी बयानों के चलते उनके इस्तीफे की मांग उठ रही है। दूसरी ओर पार्टी के दो धड़ों में मतभेद भी गहरा गए हैं। इन धड़ों में से एक की अगुवाई ओली कर रहे हैं तथा दूसरे धड़े के नेता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ हैं।

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की 45 सदस्यीय शक्तिशाली स्थायी समिति की बैठक बुधवार को होनी थी। और अब यह शुक्रवार को होगी ।

प्रधानमंत्री के प्रेस सलाहकार सूर्य थापा ने बैठक के शुक्रवार तक स्थगित होने की घोषणा की। यह चौथी बार है जब बैठक स्थगित हुई है। हालांकि बैठक टलने की कोई वजह नहीं बताई गई है।

प्रधानमंत्री 68 वर्षीय ओली पर इस्तीफे के लिए बढ़ रहे दबाव के बीच नेपाल में चीन की राजदूत होउ यांकी ने उन्हें बचाने के लिए सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के नेताओं के साथ मंगलवार को संवाद तेज कर दिया।

एनसीपी में ओली और प्रचंड गुटों के बीच मनमुटाव तब और तेज हो गया जब प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को संसद का बजट सत्र स्थगित करने का एकतरफा निर्णय लिया। प्रचंड गुट प्रधानमंत्री पद से ओली के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इस गुट ने उनसे प्रधानमंत्री एवं पार्टी अध्यक्ष दोनों ही पदों से इस्तीफा मांगा है लेकिन ओली कोई भी पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल और झलनाथ खनाल भी ओली के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ओली के हाल के भारत विरोधी बयान ‘न तो राजनीतिक रूप से सही हैं और न ही कूटनीतिक तौर पर उचित’।

ओेली पर प्रधानमंत्री पद तथा पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने का दबाव है क्योंकि एनसीपी के अधिकतर नेता यही चाहते हैं।

माय रिपब्लिका अखबार के मुताबिक अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए ओली और प्रचंड ने कई दौर की बातचीत की है।

दूसरी ओर, होउ ने 48 घंटे के अंदर ही फिर वरिष्ठ नेताओं –पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल एवं झल नाथ खनाल से भेंट की थी। दअरसल संकट में फंसे प्रधानमंत्री ओली तथा सत्तारूढ़ दल के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ की अगुवाई वाले गुट के बीच सत्ता साझेदारी पर लगातार बातचीत चल रही है।

रविवार को चीनी राजदूत ने वरिष्ठ एनसीपी नेता माधव कुमार नेपाल से मुलाकात की थी और वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की थी। उन्होंने उसी दिन राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से भी मुलाकात की थी।

यह पहली बार नहीं है कि चीनी राजदूत ने संकट के समय नेपाल के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप किया है। करीब डेढ़ महीने पहले जब एनसीपी की अंदरूनी कलह शीर्ष पर पहुंच गयी थी तब होउ ने राष्ट्रपति भंडारी, प्रधानमंत्री ओली तथा एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड एवं माधव नेपाल से अलग अलग बैठकें की थी।

बिकरू कांड : गैंगस्टर विकास दुबे का बाॅडीगार्ड अमर दुबे इस तरह हुआ मुठभेड़ में ढेर, कई गिरफ्तारी के बाद पुलिस कर्मियों के हत्यारों के सुराग लगे हाथ attacknews.in

कानपुर/लखनऊ, 8 जुलाई । कानपुर के बिकरु कांड मामले में बुधवार को पुलिस ने एक के बाद एक कई सफलताएं हासिल कीं। मामले के मुख्य आरोपी विकास दुबे का बॉडीगार्ड कहे जाने वाले एक बदमाश को हमीरपुर में मुठभेड़ में पुलिस ने जहां मार गिराया वहीं छह अन्य बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया।

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने यहां संवाददाताओं को बताया कि बुधवार सुबह हमीरपुर के मौदहा में दुबे का करीबी सहयोगी अमर दुबे एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया।

उन्होंने बताया कि अमर पर 50000 रुपये का इनाम घोषित था और उसके पास से एक अवैध सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल तथा कारतूस बरामद हुआ है।

हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने अमर को घेर लिया था। इस दौरान उसने पुलिस पर गोली बारी कर दी जिसमें मौदहा के इंस्पेक्टर और एसटीएफ का एक कॉन्स्टेबल घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में अमर को गोलियां लगी और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि अमर विकास दुबे गैंग का तीसरा सदस्य है जो मुठभेड़ में मारा गया है। इससे पहले उसके साथी प्रेम प्रकाश पांडे और अतुल दुबे पिछले शुक्रवार को वारदात के बाद मुठभेड़ में मारे गए थे।

अपर पुलिस महानिदेशक कुमार ने यह भी बताया कि हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद में मुठभेड़ के दौरान गैंगस्टर विकास दुबे के साथी कार्तिकेय उर्फ प्रभात, अंकुर और उसके पिता श्रवण को गिरफ्तार किया है।

अधिकारी ने बताया कि उनके पास से गत दो-तीन जुलाई की रात कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद उन से लूटी गई पिस्टल मिली है। इसके अलावा दो अन्य पिस्टल तथा 44 कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि इसी क्रम में मंगलवार रात 50000 रुपये का एक अन्य नामजद अपराधी श्यामू बाजपेई भी गिरफ्तार किया गया है। साथ ही मामले के एक अन्य आरोपी जहान यादव तथा उसके साथी संजीव दुबे को कानपुर नगर की पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

कुमार ने बताया कि इसके अलावा मंगलवार रात गौतम बुद्ध नगर में एक्सप्रेस वे तथा बिसरख थाना क्षेत्रों में भी पुलिस ने कार्यवाही की है जहां कई बदमाश घायल और गिरफ्तार किए गए हैं। बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र में भी कई इनामी बदमाश घायल और गिरफ्तार हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कानपुर की घटना में जो लोग भी शामिल हैं पुलिस उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।

अपर महानिदेशक ने कहा कि हम लोग अपने साथियों की शहादत को व्यर्थ नहीं हो जाने देंगे और जो भी कार्रवाई होगी वह विधिक होगी और ऐसी होगी कि दोषियों को हमेशा पछतावा होगा।

कुमार ने बताया कि बिकरू कांड के दौरान पुलिस से लूटे गए पांच में से तीन हथियारों को बरामद कर लिया गया है। बाकी एक एके-47 और एक इंसास राइफल की बरामदगी के प्रयास जारी हैं इस बीच, एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक अमिताभ यश ने बताया कि बिकरू हत्याकांड मामले में नामजद सभी आरोपीों की तलाश की जा रही है। जब भी हमें उनके बारे में कोई सूचना मिलती है हमने स्थानीय पुलिस की मदद लेते हैं।

विकास को गिरफ्तार करने में हो रही देर के बारे में पूछे जाने पर पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि वह बहुत शातिर अपराधी है और अक्सर छुपा रहता है लिहाजा उसे पकड़ने में समय लग रहा है लेकिन हम उसे निश्चित रूप से पकड़ेंगे। हमें कामयाबी मिलनी शुरू हो चुकी है।

विकास दुबे गत दो-तीन जुलाई की मध्यरात्रि को कानपुर के बिकरू गांव में दबिश देने गई पुलिस टीम पर हमला कर 8 पुलिसकर्मियों की हत्या किए जाने का मुख्य आरोपी है। उस पर ढाई लाख रुपए का इनाम घोषित है। वह अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम से होने वाली गतिविधियों के ट्रस्ट और फाउंडेशन की विदेशी धन की उगरानी की जांच के लिए टीम गठित; राहुल गांधी ने कहा: नरेन्द्र मोदी डरा नहीं सकते attacknews.in

नयी दिल्ली, आठ जुलाई । सरकार ने राजीव गांधी फाउंडेशन सहित नेहरू-गांधी परिवार से संबंधित तीन न्यासों द्वारा धनशोधन और विदेशी चंदा सहित विभिन्न कानूनों के कथित उल्लंघन के मामलों की जांच में समन्वय के लिए बुधवार को एक अंतर-मंत्रालयी टीम गठित कर दी।

यह फैसला करीब दो हफ्ते बाद लिया गया है जब भाजपा ने कहा था कि राजीव गांधी फाउंडेशन को चीनी दूतावास से धन प्राप्त हुआ है। यह आरोप लद्दाख में भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के बीच गतिरोध के मध्य उठा था।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता के मुताबिक अंतर-मंत्रालयी टीम का नेतृत्व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक विशेष निदेशक करेंगे।

प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट, इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), आय कर कानून, विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के विभिन्न कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन किए जाने के मामलों में जांच में समन्वय के लिए एक अंतर-मंत्रालयी टीम गठित की है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अंतर-मंत्रालयी टीम का नेतृत्व प्रवर्तन निदेशालय के एक विशेष निदेशक करेंगे।’’

कुछ वर्ष पहले राजीव गांधी फाउंडेशन के चीनी दूतावास से कोष प्राप्त करने को लेकर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने सवाल किया था कि क्या यह भारत और चीन के बीच मुक्त व्यापार समझौते के लिए पक्ष जुटाने के क्रम में दी गई “रिश्वत’’ थी।

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा द्वारा मध्य प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए की गई डिजिटल रैली में यह मुद्दा उठाने के बाद प्रसाद ने विपक्षी पार्टी पर हमला बोला था।

एक जुलाई को, सरकार ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के एक बंगले का आवंटन यह कहते हुए रद्द कर दिया कि एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद वह इस सुविधा की हकदार नहीं हैं।

प्रियंका गांधी जो कि सांसद नहीं हैं। उनसे एक अगस्त तक बंगला खाली करने को कहा गया है। उन्हें यह घर 1997 में आवंटित किया गया था।

पिछले साल नवंबर में, सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बच्चों राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी और उन्हें सीआरपीएफ द्वारा जेड प्लस सुरक्षा दी गई।

परिवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद 1991 के बाद से एसपीजी सुरक्षा मिली हुई थी।

राजीव गांधी फाउंडेशन की स्थापना 1991 में “पूर्व प्रधानमंत्री के आधुनिक, धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के उद्देश्य से की गई थी; एक ऐसा देश जो समानता के लोकतांत्रिक सिद्धांत को प्रतिष्ठापित करता हो और प्रगति एवं समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का मिश्रण हो।”

इस फाउंडेशन की अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं। अन्य न्यासियों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, भूतपूर्व योजना आयोग के पूर्व उपप्रमुख मोंटेक सिंह आहलुवालिया, सुमन दूबे, अशोक गांगुली और संजीव गोयनका शामिल हैं।

राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट (आरजीसीटी) की स्थापना 2002 में की गई थी और इसका लक्ष्य “देश के वंचित खासकर ग्रामीण गरीबों की विकास जरूरतों को’’ तथा उत्तर प्रदेश और हरियाणा में काम को देखना था।

आरजीसीटी के न्यासियों में सोनिया गांधी (प्रमुख), राहुल गांधी, अशोक गांगुली और बंसी मेहता हैं। इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीप जोशी हैं।

मोदी हर किसी को नहीं डरा सकते: राहुल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि वह हर किसी को डरा धमका नहीं सकते।

श्री गांधी ने एक ट्वीट में कहा कि श्री मोदी पूरी दुनिया को अपनी तरह समझते हैं, वह समझते हैं कि हर किसी को खरीदा जा सकता है या डराया जा सकता है।

कांग्रेसी नेता ने कहा “ वह यह कभी नहीं समझ सकते कि जो सत्य के लिए लड़ते हैं उन्हें ना तो खरीदा जा सकता है और ना ही डराया जा सकता है ।”

श्री गांधी के इस ट्वीट को सरकार के उस कदम से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें राजीव गांधी फाउंडेशन और अन्य संस्थाओं की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

कमलनाध ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को जवाब दिया कि,जनता बहुत समझदार है और वह जानती है कि कौन टाइगर है, हाथी है, चूहा है या बिल्ली,खुद को टाइगर कहकर जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता है attacknews.in

उज्जैन, 07 जुलाई । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कहा कि ‘टाइगर’ कहकर जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता है।

श्री कमलनाथ ने यहां महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के बाद मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि जनता बहुत समझदार है और वह जानती है कि कौन टाइगर है, हाथी है, चूहा है या बिल्ली। खुद को टाइगर कहकर जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता है।

हाल ही में भोपाल यात्रा के दौरान वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का चर्चित बयान ‘टाइगर जिंदा है।’ सामने आया है और इसके बाद से अनेक नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

श्री कमलनाथ आज ही मालवांचल के धार जिले में स्थित बदनावर की यात्रा पर भी पहुुंचे। उन्होंने वहां पर बाबा बैजनाथ महादेव के दर्शन किए।

कमलनाथ ने महाकालेश्वर से कोरोना मुक्ति की प्रार्थना की

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज यहां भगवान महाकालेश्वर से वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से शीघ्र मुक्ति की प्रार्थना की है।

श्री कमलनाथ सुबह महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना कर दर्शन किए। इस मौके पर प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जिले के विधायक महेश परमार, विधायक रामलाल मालवीय, विधायक मनोज चावड़ा, विधायक दिलीप गुर्जर और मुरली मोरवाल सहित बड़ी संख्या में नेता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इसके अलावा मंदिर प्रबंध समिति के अधिकारी भी मौजूद रहे।

उज्जैन में “शिव” ( महाकाल) के पास आकर कमलनाध ने “शिव” ( शिवराज) को ही सत्ता विहीन करने की अर्जी लगाई ;

श्री महाकालेश्वर दर्शन के दौरान उन्होंने नंदी के कान में चुनाव जीत कर पुनः मुख्यमंत्री बनने हेतु अपनी अर्जी लगाकर महाकाल दर्शन के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए प्रदेश की शिवराज सरकार पर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार धोखेबाज और गद्दारों की सरकार है, इन्होंने सरकार बनाने के लिए सौदेबाजी की हैं । देश की भोली-भाली जनता यह सब जानती है ।

चुनाव को लेकर उन्होंने कहा;

आने वाले समय में राज्य की 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि जनता क्या चाहती है यह चुनाव परिणाम बता देंगे ।

“टाइगर की राजनीति पर कमलनाथ ने कहा अब पता चलेगा कौन चूहा है कौन बिल्ली है।”

शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने हेलीपैड पहुंचकर भव्य स्वागत किया

स्वागत करने वालों में डॉ बटुक शंकर जोशी पूर्व विधायक महेश सोनी शहर कांग्रेस अध्यक्ष करण कुमारिया जिला पंचायत अध्यक्ष नागदा विधायक दिलीप गुर्जर तराना विधायक महेश परमार घटिया विधायक रामलाल मालवीय बडनगर विधायक मुरली मोरवाल पूर्व सभापति आजाद यादव अशोक भाटी असीम शर्मा महिला नेत्री माया राजेश त्रिवेदी नूरी खान आदि ने स्वागत किया यह यह जानकारी यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव बबलू खींची ने दी !

जय सिंह दरबार ने भी किया कमलनाथ का स्वागत

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष जयसिंग दरबार ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ अलग स्टेज बनाकर कमलनाथ जी का भव्य स्वागत किया और जय जय कमलनाथ के नारे लगाए

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन द्वारा कमलनाथ का स्वागत

एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अंबर माथुर के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ जी का भव्य स्वागत किया गया जिसमें मुख्य रूप से वरिष्ठ शहर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विवेक यादव जी एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष प्रितेश शर्मा यश जैन नयन काले वीरभद्र वर्मा निरंजन ठाकुर तरुण गिरी अरविंद शर्मा वैभव बम को साहिल खानआदि उपस्थित थे।

शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के मंत्रियों को वर्कआऊट करने के बाद आजकल में करेंगे विभागों का बंटवारा attacknews.in

भोपाल, 07 जुलाई। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर वे आज और वर्कआउट करेंगे।

श्री चौहान ने दिल्ली से लौटने के बाद यहां स्टेट हैंगर पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की। उनसे पूछा गया था कि क्या आज शाम तक मंत्रियों के बीच विभागाें का वितरण हो जाएगा, श्री चौहान ने कहा कि आज और वर्कआउट करुंगा और इसके बाद विभाग बंटेंगे।

श्री चौहान रविवार को सुबह दिल्ली रवाना हुए थे। उन्होंने आधिकारिक यात्रा के दौरान राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और अनेक केंद्रीय मंत्रियों से सौजन्य भेंट के अलावा राज्य के मंत्रियों के बीच विभागों के वितरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की है। श्री चौहान को सोमवार रात्रि में वापस आना था, लेकिन वे आज सुबह ग्यारह बजे बाद यहां पहुंचे और इसके बाद भी कहा कि विभागों के वितरण को लेकर आज और वर्कआउट होगा।

श्री चौहान ने दो जुलाई को 28 नए मंत्रियों को शामिल कर मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। पांच मंत्री पहले से ही हैं। दो जुलाई से ही मंत्रियों के बीच विभाग वितरण को लेकर कवायद चल रही है और उस दिन से ही सबको विभाग वितरण कार्य का बेसब्री से इंतजार है।

दरअसल लगभग चार माह पहले कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में आए श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक लगभग एक दर्जन मंत्री हैं। माना जा रहा है कि प्रमुख माने जाने वाले विभागों को लेकर खींचतान चल रही है। इसलिए श्री चौहान, केंद्रीय नेतृत्व, प्रदेश संगठन के अलावा श्री सिंधिया को विश्वास में लेकर फूंक फूंककर कदम रखकर आगे बढ़ने की नीति पर चल रहे हैं।

चुनाव जीतने के लिए जनता की कृपा की भी जरुरत – शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि चुनाव जीतने के लिए भगवान के साथ ही जनता की कृपा की भी आवश्यकता रहती है।

श्री चौहान ने दिल्ली से लौटने के बाद यहां स्टेट हैंगर पर मीडिया के सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की। श्री चौहान ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए भगवान के साथ साथ जनता की कृपा की जरुरत होती है। और जनता की कृपा उन पर होती है, जो जनता के लिए बेहतर कार्य करते हैं।

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 15,627 हुए ,मरने वालों की संख्या 622 हुई, एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 3237 तक पहुंची attacknews.in

भोपाल, सात जुलाई । मध्यप्रदेश में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 343 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 15,627 तक पहुंच गयी।

राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से पांच और व्यक्तियों की मौत हुई है जिससे मरने वालों की संख्या 622 हो गयी है।

मध्यप्रदेश के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से इंदौर में तीन और भोपाल एवं टीकमगढ़ में एक—एक मरीज की मौत की पुष्टि हुई है।’’ उन्होंने बताया, ‘‘राज्य में अब तक कोरोना वायरस से सबसे अधिक 249 मौत इन्दौर में हुई है। उज्जैन में 71, भोपाल में 113, बुरहानपुर में 23, खंडवा में 17, खरगोन में 15, सागर में 22, जबलपुर में 14, देवास में 10, मंदसौर में नौ, धार में आठ और नीमच में सात लोगों की मौत हुई है। बाकी मौतें अन्य जिलों में हुई हैं।’’ उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 15,627 संक्रमितों में से अब तक 11,768 मरीज स्वस्थ होकर घर चले गये हैं और 3,237 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में मंगलवार को कोविड—19 के सबसे अधिक 78 नये मामले इंदौर जिले में आये हैं, जबकि ग्वालियर में 61, भोपाल में 45 एवं मुरैना में 36 नये मामले आये।

उन्होंने कहा कि मंगलवार को 189 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में राज्य में कुल 1,262 निषिद्ध क्षेत्र हैं।

एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़ी :

मध्यप्रदेश में 343 नए मरीज मिलने के साथ ही एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 3237 तक पहुंच गयी। पिछले कुछ दिनों से तेजी से मिल रहे मामलों के चलते यह संख्या बढ़ी है। हालाकि इस बीच 189 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं।

राज्य स्वास्थ्य संचालनालय द्वारा आज रात यहां जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में पिछले चौबीस घंटों के दौरान 343 नए मामले मिलने के साथ ही कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 15657 तक पहुंच गयी। वहीं, कल तक एक्टिव मरीज 3088 थे, जो बढ़कर अब 3237 तक पहुंच गए हैं। हालाकि इस बीच 189 मरीजों के स्वस्थ हो जाने के बाद इस बीमारी से अब तक 11768 मरीज ठीक हो चुके हैं।

इंदौर जिले में कोरोना के 78 नये मामले

मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में ‘कोविड 19’ के 78 नये मामले आने के बाद कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 4,954 तक जा पहुंची है। हालाकि इनमें से 3,838 संक्रमित रोगी स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ प्रवीण जड़िया ने कल देर रात बुलेटिन जारी कर बताया कि कल जांचे गये 1682 सैम्पलों में 78 संक्रमित पाये गये हैं, जबकि 1692 सैम्पल जांच के लिये प्राप्त हुये हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 94545 जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी हैं, जिसमें कुल संक्रमितों की संख्या 4954 है।

उन्होंने बताया कि इंदौर जिले में अब तक कोरोना वायरस से 249 लोगों की मौत हो चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में उपचाररत रोगियों की संख्या 867 है। अब तक संस्थागत क्वारेंटाइन केंद्रों से 4660 संदेहियों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दी जा चुकी है।

कटनी में मिला एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज

कटनी में एक और कोरोना संक्रमित मरीज मिला है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एस के निगम ने आज बताया कि कल देररात आईसीएमआर जबलपुर से मिली जांच रिपोर्ट में कटनी नगर में एक और करोना से संक्रमित मरीज मिला है। मरीज को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करा दिया गया है। इस मरीज को मिलाकर कटनी जिले में अभी तक 27 कोरोना पाटिजिव केस सामने आये है।

मुरैना में मिले 115 नए मरीज

मुरैना जिले में आज कोरोना के 115 नए मरीज मिलने से इनकी संख्या बढ़कर 496 हो गयी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर आर सी बांदिल ने यहॉ हेल्थ बुलेटिन जारी करते हुए बताया कि आज आई 645 कोरोना सन्दिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट में 115 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। जिले में अब एक्टिव केसों की संख्या 496 हो गई है। श्री बांदिल ने बताया कि आज करीब 50 कोरोना पॉजिटिव मरीजो के स्वस्थ होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।

सीहोर में 5 नए पॉजिटिव

सीहोर जिले में आज फिर 5 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पायी गयी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुधीर डेहरिया के अनुसार जिले में आज 5 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। इनमें चार मामले नसरुल्लागंज के हैं। नसरुल्लागंज क्षेत्र में दो दिन पहले जो महिला हरदा अस्पताल में प्रसूति के बाद लौटी थी वह कोरोना पाजेटिव पाई गई थी। उसके बाद जो सैंपल लिए गए उनमें से महिला के संपर्क वाले 4 लोग की रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है।विस्तृत समा

शिवपुरी में मिले 15 नए संक्रमित

शिवपुरी जिले में आज कोरोना वायरस 15 नए मामले मिले, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 98 तक जा पहुंच गयी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से आज रात जारी बुलेटिन में बताया गया है कि आज 15 मरीज पॉजिटिव आए हैं। कुल मरीजों की संख्या 98 तक पहुंच चुकी है, जिनमें से 38 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 4 मरीज आज स्वस्थ हुए हैं। 34 मरीज पूर्व में स्वस्थ हो चुके हैं।

कोरोना को लेकर महाकालेश्वर मंदिर में अनुष्ठान का आयोजन

कोरोना से मुक्ति को लेकर मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में शिव शक्ति महाअनुष्ठान का 9 जुलाई से आयोजन किया जाएगा।

महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया कि सम्पूर्ण मानव जाति को कोरोना संक्रमण से मुक्ति देने एवं विश्व कल्याण के हितार्थ मंदिर प्रबंध समिति द्वारा ‘शिव शक्ति महाअनुष्ठान 09 से 18 जुलाई तक मंदिर परिसर में किया जाएगा। अनुष्ठान श्री महाकालेश्वर के अभिषेक और देवी आराधना के रूप में सम्पन होगा।